एक ओर जहां लोग अपने बच्चों का प्रवेश प्राथमिक विद्यालय में कराने से कतराते हैं, तो वहीं दूसरी ओर खोराबार ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय जंगल सिकरी की प्रवेश के लिए अभिभावकों को मना करना पड़ता है। यह मुमकिन हुआ है यहां की शिक्षिका वंदना यादव की बदौलत। वंदना 2010 में इस विद्यालय में आईं। इसके बाद से ही उन्होंने विद्यालय को बदलने का काम शुरू हुआ। सबसे पहले वहां शौचालय की व्यवस्था कराई।
इसके बाद पढ़ाई उबाउ न हो इसके लिए उन्होंने हर विषय के लिए अलग-अलग पीरियड और शिक्षक निर्धारित किए। वहीं हर कक्षा में बच्चों को चार वर्गों बांटकर उन्हें पढ़ाया जाने लगा। इससे वहां पढ़ाई की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ और धीरे-धीरे बच्चों की संख्या में इजाफा होता रहा। इस प्राथमिक विद्यालय में 400 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। शिक्षकों ने खुद के पैसों को एकत्रित कर विद्यालय के भवन को खूब आकर्षक बनाया है।