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देवरिया: फर्जी प्रमाण पत्र पर मिलने पर शिक्षिका बर्खास्त, पुरुष की जगह कर रही थी नौकरी

Mon, 18 May 2020 05:14 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, देवरिया।

सार

  • सदर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय बहोरवा में थी तैनाती
  • एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने दिखाया बाहर का रास्ता
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रही सदर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय बहोरवा की शिक्षिका को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वह पुरुष के प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें बाहर किया गया है।

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कोरोना संकट के बाद से ही ठंडी पड़ी जांच प्रक्रिया में इस कार्रवाई से पुन: तेजी आने की उम्मीद है। वहीं, कूटरचित शैक्षिक अभिलेखों के सहारे नौकरी कर रहे जिले के शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।

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ये है पूरा मामला

बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने सोमवार को बताया कि एसटीएफ की ओर से शिक्षिका के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जा रहा था। इस प्रक्रिया में प्राप्त शैक्षिक दस्तावेजों के अनुसार नीरज पुत्री जयमोहन तिवारी के सेकेंड्री स्कूल परीक्षा वर्ष 1997 अनुक्रमांक 5116150 एवं सीनियर स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा वर्ष 1999 अनुक्रमांक 5204038 का सत्यापन संबंधित संस्थान जवाहर नवोदय विद्यालय वृंदावन, जनपद पश्चिमी चंपारण, बिहार से कराया गया।

वहां के प्रधानाचार्य एमके ठाकुर ने जो रिपोर्ट सौंपी है, उसके आधार पर इस सत्यापन आख्या एवं फोटो के अनुसार नीरज कुमार तिवारी पुरुष है। बीएसए कार्यालय की ओर से कराए गए नीरज पुत्री जयमोहन तिवारी के स्नातक परीक्षा वर्ष 2003 अनुक्रमांक 152667 के सत्यापन संबंधित संस्थान महात्मा गांधी पीजी कॉलेज, गोरखपुर के प्राचार्य डॉ. एसके श्रीवास्तव की ओर से मिली आख्या के अनुसार महाविद्यालय के अभिलेखों से मिलान किया गया तो सत्य व सही है।

लेकिन कॉलेज के अभिलेखों में छात्र की ओर से उल्लिखित पता एवं चस्पा फोटो के अनुसार वह किसी अन्य नीरज कुमार तिवारी पुत्र जयमोहन तिवारी, जो छात्रा नहीं है तथा ग्राम व पोस्ट ठकरहा वाया नेचुआ जलालपुर, जिला पश्चिम चंपारण का है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित शिक्षिका के प्रमाण पत्र कूटरचित तरीके से तैयार किए जाने और इसी आधार पर नौकरी पाने की पुष्टि हुई है। शिक्षिका को उनका पक्ष रखने का मौका दिया गया था, लेकिन तय समयावधि में वह इसे नहीं कर पाई। इस आधार पर उन्हें अध्यापक सेवा नियमावली तथा उ.प्र. सरकारी कर्मचारी अनुशासन व अपील नियमावली के तहत सेवा से बर्खास्त किया जाता है।
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