कैंपियरगंज। कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के कुनवार गांव में पुश्तैनी मकान के मलबे से ईंटें ले जाने के विवाद में बुधवार को शिक्षक हरेंद्र प्रताप सिंह पर चाचा, उनके बेटों और मजदूरों ने हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने ईंट, पत्थर, छीनी और हथौड़े से शिक्षक के सिर पर वार किया। गंभीर रूप से घायल शिक्षक को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां से चिकित्सकों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया। घायल की बहन ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
घायल के पिता राजेश्वर सिंह ने बताया कि परिवार में जमीन और पुराने मकान के मलबे के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। बुधवार सुबह करीब 11 बजे उनके छोटे भाई चार बेटों और कुछ मजदूरों के साथ पुराने मकान के मलबे से ईंटें ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर ले जा रहे थे।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे उनके बेटे 45 वर्षीय शिक्षक हरेंद्र प्रताप सिंह ने ईंटें ले जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मलबे में अन्य भाइयों का भी हिस्सा है इसलिए बिना सहमति के ईंटें न ले जाएं। आरोप है कि इसी बात पर चाचा, उनके बेटे और मजदूरों ने हरेंद्र को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी।
घायल की बहन का आरोप है कि हमलावरों ने हथौड़े से शिक्षक के सिर पर कई वार किए। इससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद एंबुलेंस के लिए फोन किया गया लेकिन काफी देर तक वाहन नहीं पहुंचा। इसके बाद परिजन निजी साधन से उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे।
घटना के संबंध में घायल की बहन डॉ. मनोरम सिंह ने थाने में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बलुआ चौकी प्रभारी अभिषेक राय ने बताया कि तहरीर मिली है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।