प्रवासी श्रमिकों के मुंबई की ओर रुख करने से ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। कन्फर्म टिकट देने के लिए बिचौलिए भी कई जुगाड़ खोज लिए हैं। सीनियर सिटीजन का टिकट भेज रहे हैं बिचौलिए। पकड़े जाने पर यात्री जुर्माना भरकर सीट पा जा रहे हैं। लगातार ऐसे मामले सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने एक-एक यात्री का टिकट चेक करने का निर्णय लिया है।
दरअसल, गोरखपुर से मुंबई के लिए तीन ट्रेनें अवध एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस और एलटीटी सुपरफास्ट चल रही हैं। इनमें एक महीने तक कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं, जबकि कामगारों के जाने का सिलसिला तेज हो गया है। इसे देखते हुए बिचौलियों ने नियमों की आड़ में फर्जीवाड़ा करना शुरू कर दिया है। मुंबई से ही तत्काल टिकट बनवाकर वे ई-मेल से भेज दे रहे हैं और यहां प्रिंट निकलवा लिया जा रहा है।
काउंटर से कन्फर्म टिकट का एसएमएस भेज दे रहे हैं। कुछ मामले सीनियर सिटीजन में कोटे लेने का भी सामने आया है। स्टेशन डायरेक्टर के निर्देशन में डीसीआई डीके श्रीवास्तव के नेतृत्व में जांच टीम बनी है। इसमें सीनियर टीटीई को रखा गया है, जो ट्रेन के छूटने के पहले टिकट की जांच करेंगे।
इस तरह चल रहा फर्जीवाड़ा
दो दिन पहले रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान पकड़े गए आठ लोगों ने तत्काल जुर्माना भर दिया। जुर्माना किराया और 250 रुपये देने थे। शनिवार को पकड़े गए पांच के पास तत्काल का ई-प्रिंट था, टिकट मुंबई से बना था। वहीं दो ने एसएमएस दिखाया था लेकिन उनके पास टिकट नहीं था। उनका कहना था कि बिचौलिए ने बताया है कि अगर पकड़े गए तो सिर्फ जुर्माना लगेगा। बर्थ उन्हें ही मिलेगी।