गोरखपुर। प्रदेश सरकार आलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कई सुविधाएं दे रही है। इस साल जिले में 4900 हेक्टेयर में आलू की बोआई का लक्ष्य रखा गया है। इससे लगभग 11 लाख 36 हजार क्विंटल आलू का उत्पादन होने की संभावना है।
जिला उद्यान अधिकारी पारसनाथ ने बताया कि सरकार निजी शीतगृहों में भंडारित आलू पर किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान दे रही है। यह अनुदान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। सभी आवश्यक कागजात जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में जमा करने होंगे।
उद्यान विभाग द्वारा कागजात का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही अनुदान की राशि किसान के खाते में स्थानांतरित की जाएगी। निदेशालय ने जिले में आलू की बोआई के लिए 145 क्विंटल फाउंडेशन बीज आवंटित किया है। यह बीज किसानों को 3200 रुपये से 3600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर एक हजार रुपये प्रति क्विंटल का अनुदान दिया जाएगा। छूट की यह रकम भी किसानों के खाते में भेजी जाएगी।
बीज पंजीकरण और वितरण
जिन किसानों को आलू का बीज चाहिए, वे उद्यान विभाग के कार्यालय में अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के लिए उन्हें आधार कार्ड और बैंक पासबुक साथ लाना होगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बीज प्राप्त किया जा सकेगा। बीज का वितरण ''पहले आओ, पहले पाओ'' के आधार पर किया जाएगा। उद्यान अधिकारी ने बताया कि लक्ष्य सीमित है, इसलिए इच्छुक किसान जल्द पंजीकरण कराएं।
उच्च गुणवत्ता वाले बीज का लाभ
निदेशालय द्वारा आवंटित यह बीज उच्च गुणवत्ता वाला है। इसकी बोआई करने पर सामान्य से तीन गुना अधिक उत्पादन की संभावना है। यह किसानों की उपज और आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उद्यान अधिकारी ने इस बीज की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। यह पहल आलू उत्पादकों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।