लंबे समय बाद एक बार फिर ताल सुमेर सागर का मामला गरमा गया है। जिन लोगों के कब्जे पर अभी तक प्रशासन का बुलडोजर नहीं चल पाया था, ऐसे करीब 10 लोगों को सदर तहसील प्रशासन की तरफ से नोटिस भेजा गया है।
उन्हें 16 फरवरी तक स्वयं या अपने प्रतिनिधि के जरिए यह स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि अभी तक उन्हें ताल की जमीन से कब्जा क्यों नहीं हटाया। तहसील प्रशासन का कहना है कि यदि किसी ने तय समय के भीतर जवाब नहीं दिया तो तहसील प्रशासन 19 फरवरी को एक पक्षीय आदेश जारी कर देगा। इसकी रिपोर्ट, 22 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में प्रस्तुत की जाएगी।
तहसील प्रशासन के मुताबिक, ताल सुमेर सागर से करीब 90 फीसदी कब्जा खाली कराने के साथ ही उसे ताल का स्वरूप भी दिया जा चुका है। मगर गीता देवी, निशा पांडेय, नीता जायसवाल, पुरजाना बानो, हसीना बानो, साधना श्रीवास्तव, सुनील कुमार श्रीवास्तव, दीपांकर पांडेय, आशीष कुमार सक्सेना व निशा सक्सेना ने अपना हब्जा नहीं हटाया है।