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मिठाई की दुकान पर नहीं नजर आ रहा ये खास चीज, प्रशासन के आदेश को किया जा रहा नजरअंदाज

Wed, 21 Oct 2020 10:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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sweet shop - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर शहर के कुछ प्रतिष्ठित मिठाई विक्रेताओं को छोड़ दें तो ज्यादातर अब भी मिठाइयों के निर्माण एवं उसके खराब होने की तिथि की जानकारी ट्रे पर प्रदर्शित नहीं कर रहे हैं। जबकि, खुली मिठाइयों के ट्रे पर क्रम संख्या, खाद्य पदार्थ का नाम और खराब होने का समय दर्शाना एक अक्तूबर से अनिवार्य कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग अब ऐसे सभी विक्रेताओं पर सख्ती की तैयारी कर रहा है।

 
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sweet shop - फोटो : अमर उजाला।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी कुमार गुंजन ने सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को मिठाई की दुकानों का निरीक्षण और नियमों की अवहेलना करने वालों पर जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है। उनका कहना है कि दुकानों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कराया जाएगा कि हर विक्रेता मिठाई की ट्रे पर यह जानकारी दर्ज करे कि वह कब बनी है और उसका इस्तेमाल कब तक किया जा सकता है। बता दें कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की तरफ से मिठाइयों के भी निर्माण एवं उसके खराब होने की तिथि बताने संबंधी नियम बनाए हैं। एक अक्तूबर 2020 से इसे लागू कर दिया गया है।

 
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sweet shop - फोटो : अमर उजाला।
कलाकंद 24 घंटे तक ही इस्तेमाल लायक
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की तरफ से जारी गाइडलाइन के मुताबिक कलाकंद और इसके संस्करण जैसे बटर स्कॉच, चाकलेट कलाकंद 24 घंटे तक ही उपयोग लायक रहते हैं।

दो दिनों तक उपयोग में आने वाली मिठाइयां
दुग्ध उत्पाद और बंगाली मिठाई जैसे बादाम दूध, रसगुल्ला, रस मलाई, राबड़ी रस मलाई, शाही टोस्ट, राजभोग, चमचम, मलाई रोल, बंगाली राबड़ी, हिरामनी, गुर संघेश, हरि भोग, अनारोध, अनारकली, माधुरी, पाकिजा, रस्क डंप, गुरकक्ष गोला, संघेश, रासकट्टा, खीरमोहन, गुर रसमलाई, गुरु रसगुल्ला बनाने के दो दिनों के भीतर उपयोग में लाया जा सकता है।
 

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sweet shop - फोटो : अमर उजाला।
इन मिठाईयों को चार दिनों के भीतर कर लें खत्म
लड्डू और खोवा की मिठाई जैसे मिल्क शेक, मथुरा पेड़ा, सादा बर्फी, मिल्क बर्फी, नारियल बर्फी, चाकलेट बर्फी, सफेद पेड़ा, पिस्ता बर्फी, बूंदी लड्डू, लाल लड्डू, मोतीचूर मोदक, चिनिया बादाम, मेवा बत्ती, फ्रूट केक, केसर नारियल लडडू, छोटी मलाई घेवर, व्रत तेसरिया नारियल लडडू, छोटे मेवा लडडू, गुलाबी बर्फी, तिल बुग्गा, रेवड़ी, ड्राई फ्रूट ली बग्गा, शाही घेवर, खोवा केयर बादाम रोल, तिल बाटी, खीर कदम, खीर बीज बर्फी, नारियल बर्फी, मोती पाक को निमार्ण के चार दिनों के भीतर ही उपयोग में लाया जा सकता है।

सात दिनों तक उपयोग में आने वाली मिठाइयां
घी ड्राई फ्रूट्स जैसे ड्राई फ्रूटस लड्डू, काजू कतली के साथ मिठाई घेवर, साकार पारा, गुर पारा, शाही लड्डू, मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट गुजिया, मोती बूंदी की लड्डू, केसर बर्फी, काजू, काजू सेक, गोजिया, बादाम लौंग, कालूसाही, बादाम बर्फी, काजू अंजीर रोल, केसर बड़ी मलाई, चंद्रकला, केसर गुजिया, मैदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्टा लौंग, केसर खजूर, अंजीर केक, काजू सेव, काजू गुजिया, काजू कलश, काजू केसर काजू, लाडू, काजू हनी ड्यू, काजू रोल, काजू समोसा, दिल खुशाल बर्फी, काजू रोल कतली, काजू बेक्ड गुजिया, काजू, बर्फी, काजू बेसन बर्फी, काजू रोज कतली को निर्माण के सात दिनों के भीतर प्रयोग किया जा सकता है।

 
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sweet shop - फोटो : अमर उजाला।
ये मिठाईयां तीस दिन तक खा सकते हैं
एटा लड्डू, लड्डू, चना लड्डू, चना बर्फी, खजूर बर्फी, कराची हलवा, सोहन हलवा, गजक, चिक्की निर्माण के 30 दिनों के भीतर ही उपयोग में लाया जा सकता है।

वेबसाइट पर उपलब्ध है जरूरी जानकारी: डीओ
खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी ने बताया कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियमावली में संशोधन कर दिया है। अब खुली मिठाइयों एवं इन्हें रखने में प्रयुक्त होने वाले पात्र या ट्रे पर डेट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग (मिठाई के निर्माण की तिथि) तथा बेस्ट बिफोर डेट (कब तक खाने योग्य रहेगी) अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना होगा। खाद्य कारोबारी मिठाइयों पर बेस्ट बिफोर डेट की घोषणा करने में मिठाइयों की प्रकृति व वहां की परिस्थिति का ध्यान रखेंगे। इसकी विस्तृत जानकारी भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की वेबसाइट गाइडेंस नोट ऑन सेफ्टी एंड क्वालिटी ऑफ ट्रेडिशनल मिल्क प्रोडक्ट्स पर उपलब्ध है।
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