राप्तीसागर एक्सप्रेस (12511 )में कोरोना का संदिग्ध यात्री पाए जाने के बाद ट्रेन में गए चारों टीटीई पर प्रशासन की नजर है। ऐहतियातन सभी टीटीई को विशेष छुट्टी दे दी गई है। उन्हें अभी 10 दिनों तक उन्हें ट्रेन में नहीं जाने दिया जाएगा। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी टीटीई स्वस्थ हैं।
ये है मामला...
छह मार्च को राप्तीसागर एक्सप्रेस में संक्रमण का संदिग्ध यात्री गोरखपुर से ट्रेन के एस-4 कोच में सवार हुआ था और उसकी तबीयत भोपाल स्टेशन के बाद खराब हुई। सूचना के बाद अगले स्टेशन पर चिकित्सकों ने मरीज की जांच की और कोरोना से संक्रमण की आशंका जताई। इसके बाद यात्री को वारंगल रेलवे स्टेशन पर उतार लिया गया।
इस ट्रेन में गोरखपुर से गए चारों टीटीई के सेहत की जांच का आदेश रेलवे बोर्ड ने दिया था। टीटीई में किसी तरह का लक्षण नहीं मिला इसलिए इनके नमूने नहीं लिए गए और घर पर आराम करने की डॉक्टरों ने सलाह दी थी।
नहीं मिला मास्क और ग्लव्स
रेलवे में रनिंग स्टॉफ (लोको पायलट, गार्ड, टीटीई आदि) को अभी मास्क और ग्लव्स उपलब्ध नहीं कराया गया है। वहीं, यात्री मित्र कार्यालय पर तैनात रेलकर्मियों को भी मास्क और ग्लव्स नहीं दिया गया है। जबकि ये सभी कर्मी यात्रियों के संपर्क में रहते हैं।
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