कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट शुक्रवार को भारतीय वायु सेना की सुप्रसिद्ध 'सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम' के ऐतिहासिक एयर शो का गवाह बनने जा रहा है। वायु सेना के नौ हॉक एमके-132 फाइटर जेट कुशीनगर एयरपोर्ट से बेस बनाकर उड़ान भरेंगे और पड़ोसी राज्य बिहार के मोतिहारी में करीब एक घंटे तक आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे। प्रदर्शन के बाद सभी विमान वापस कुशीनगर एयरपोर्ट पर उतरेंगे।
बृहस्पतिवार को एयरपोर्ट की एटीसी बिल्डिंग में प्रेस वार्ता के दौरान टीम के लीडर ग्रुप कैप्टन तेजसवर सिंह ने बताया कि मौसम सामान्य रहने पर तय कार्यक्रम के अनुसार ही उड़ान भरी जाएगी। करीब 600 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से उड़ते हुए नौ विमान आसमान में लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और कई जटिल मैन्युवर प्रदरर्शित करेंगे।
मैन्युवर से आशय लड़ाकू विमान या हेलीकॉप्टर की एक विशेष और दक्ष उड़ान चाल या पैंतरेबाजी से है। ग्रुप कैप्टन तेजसवर सिंह के मुताबिक, सूर्यकिरण टीम में कुल 11 विमान और लगभग 25 सदस्यों का दल शामिल है, जिनमें से 9 विमान एरोबेटिक फॉर्मेशन का हिस्सा बनते हैं।
टीम में बिहार के लाल:
सूर्य किरण टीम का नेतृत्व सूर्यकिरण टीम का नेतृत्व एसयू-30 एमकेआई पायलट ग्रुप कैप्टन तेजसवर सिंह कर रहे हैं। टीम के मेडिकल ऑफिसर फ्लाइट लेफ्टिनेंट आदर्श चौधरी बिहार के निवासी हैं। इस दौरान विंग कमांडर एसके शेरोन, स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल, फ्लाइट लेफ्टिनेंट मनिल के. शर्मा, स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल और स्क्वाड्रन लीडर एडवर्ड प्रिंश भी हैं।
गर्व के क्षण: तकनीक से आसमान में बनेगा तिरंगा
एयर शो की खास बात यह भी है कि इस दौरान विमानों से केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुआं-धाराएं निकलेंगी जो क्षितिज में तिरंगा बनाएंगी। इसके लिए हॉक एमके-132 विमानों में स्वदेशी तकनीक से विकसित रंगीन स्मोक पॉड्स लगाए गए हैं। इस प्रणाली को भारतीय सेना के बेस रिपेयर डिपो नासिक ने विकसित किया है।
सूर्यकिरण टीम का गौरवशाली इतिहास
सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम की स्थापना वर्ष 1996 में हुई थी। टीम देश में 800 से अधिक हवाई प्रदर्शन कर चुकी है। इसके अलावा चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर, यूएई और दुबई समेत कई देशों के अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व करते हुए भारत का मान बढ़ा चुकी है।