स्टेशन पुनर्निर्माण में ग्रीन बिल्डिंग की तकनीकी व दिव्यांग फ्रेंडली सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। ये स्टेशन इंटेलीजेंट बिल्डिंग की अवधारणा पर विकसित किए जाएंगे। इन स्टेशनों का विकास 40 से 50 वर्षों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
यह है योजना
रेलवे प्रशासन की योजना के मुताबिक पटरियों के ऊपर से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया तक रूफ प्लाजा बनेगा। इसमें दो से तीन फ्लोर बनाने की तैयारी है। इसमें पहले तल पर फूड प्लाजा, वेटिंग लाउंज रहेगा। जबकि, ऊपरी तल पर रिटेल के लिए स्थान, कैफेटेरिया और बच्चों के खेलने का स्थान रहेगा। यात्रियों को स्टेशन परिसर में ही रेस्टोरेंट, मेडिकल और शॉपिंग कांप्लेक्स जैसी उच्चस्तरीय सुविधाएं मिलने लगेंगी।
धार्मिक व आध्यात्मिक पहचान भी दिखेगी
मुख्य द्वार और भवन भी खूबसूरत दिखेगा। अंग्रेजों के जमाने का भवन होने के चलते यह एतिहासिक है। इसलिए भवन की डिजाइन में छेड़छाड़ नहीं की जाएगी, लेकिन धार्मिकता और आध्यात्मिकता की पहचान भी दिखेगी। गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस सहित अन्य महत्व वाले स्थानों का भी अक्स देखने को मिलेगा।