गोरखपुर गोड़धोइया नाला निर्माण के मद्देनजर मुआवजा को लेकर सर्वे का काम पूरा हो गया है। जमीन अधिगृहीत कर जल्द ही मुआवजा वितरण का कार्य शुरू हो जाएगा। इसी के साथ नाले का निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।
जिला प्रशासन के मुताबिक नाले के रास्ते में आने वाली जमीन, मकान का सर्वे पूरा कर लिया गया है। अब मुआवजे की दर को लेकर फैसला किया जाना है। अधिक से अधिक मकानों को टूटने से बचाने पर जोर है।
गोड़धोइया नाला के निर्माण के लिए अधिगृहीत होने वाली जमीन के मुआवजे पर खर्च को लेकर आगणन कई बार बदल चुका है। पहले 500 करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा देने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। मगर, बाद में नाले की चौड़ाई आदि में किए गए परिवर्तन के बाद मुआवजा कुछ कम हो गया है।
वहां रहने वाले लोग शुरू से ही बाजार मूल्य पर मुआवजे की मांग कर रहे हैं। अभी इसपर अंतिम फैसला नहीं हो सका है। बीच में इस बात पर भी विचार किया गया कि प्राकृतिक नाले के रास्ते में पड़ने वाली जमीन का मुआवजा कृषि भूमि के मूल्य के 60 फीसदी के बराबर दिया जाए। मगर जब इसपर मंथन हुआ तो यह समस्या सामने आई कि नाले की चौड़ाई किस मौसम के मुताबिक तय की जाए।
गर्मी में नाला पतला होता है और बारिश के मौसम में चौड़ाई बढ़ जाती है। ऐसे में प्रभावित लोगों को वर्तमान प्रचलित नियमों के अनुसार भी मुआवजा दिया जा सकता है। जल्द ही इस संबंध में बैठक कर निर्णय किया जाएगा। डीएम कृष्णा करुणेश का कहना है कि गोड़धाइया नाला के लिए ली जाने वाली जमीन के मुआवजे पर फैसला जल्द लिया जाएगा। प्रयास है कि कम से कम लोगों के मकान तोड़ने पड़ें।