गोरखपुर एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) में एमबीबीएस छात्रों को परीक्षा से रोक देने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कोविड काल में परीक्षा से वंचित किए गए 13 छात्रों में से एक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। छात्र की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एम्स प्रशासन से जवाब मांगा है।
एम्स प्रशासन ने कोई भी नोटिस न मिलने की बात कही है। एम्स के मीडिया प्रभारी डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि उपस्थिति कम होने की वजह से पिछले साल परीक्षा में कुछ छात्रों को रोका गया था। रही बात सुप्रीम कोर्ट जाने की तो इसकी जानकारी नहीं है। अगर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस मिलता है तो उसका जवाब कोर्ट को दिया जाएगा।
छात्रों के पक्ष में नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन आगे आया
एम्स छात्रों के समर्थन में नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन आगे आया है। आर्गनाइजेशन के सचिव डॉ. प्रकाश कुमार पांडेय ने बताया कि एम्स निदेशक को पत्र लिखा गया था। छात्रों के हित में फैसला लेने की अपील की गई है। लेकिन अब तक एम्स प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। छात्रों के साथ एम्स प्रशासन गलत कर रहा है। इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखा जाएगा।