सील और मतपत्रों की गिनती को लेकर कई जगह उठा विवाद
14 टेबलों पर बंडलिंग से शुरू हुई मतगणना, उतार-चढ़ाव के बीच टिकीं रहीं निगाहें
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव की मतगणना की प्रक्रिया जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, प्रत्याशियों और समर्थकों में रूझान जानने को लेकर बेचैनी बढ़ी रही। दोपहर तक मतगणना स्थल के बाहर लगे प्रत्याशियों के टेंट पर भीड़ बढ़ती गई और शाम को पूरे सिविल लाइंस में समर्थक शुरुआती रुझान के आधार पर जीत-हार का आकलन करते दिखे।
मतगणना की प्रक्रिया मंगलवार सुबह आठ बजे बंडलिंग से शुरू हुई। 14 टेबलों पर 43,533 मतों की गिनती की जा रही है। भाजपा समर्थित ध्रुव कुमार त्रिपाठी, सपा समर्थित डॉ. संजयन त्रिपाठी, निर्दलीय राजीव यादव, अजय सिंह समेत 16 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होना है। शुरुआती रुझानों को लेकर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की निगाहें मतगणना केंद्र पर टिकी रहीं।
मतपत्रों की बंडलिंग के दौरान कुछ बूथों के मतपत्रों की संख्या में अंतर और एक बॉक्स की सील खुली मिलने की बात सामने आने से गहमागहमी रही। अलग-अलग टेबलों पर मतपत्र कम या अधिक मिलने की शिकायतों को लेकर प्रत्याशियों और उनके एजेंटों ने आपत्ति जताई। कुछ मामलों में प्रत्याशियों और समर्थकों के बीच चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई पर सहमति बनी। मतों की वैधता और अवैधता को लेकर भी विवाद हुआ। एक टेबल पर विवाद के बाद कमिश्नर पहुंचे और एक प्रत्याशी के एजेंट को बाहर कर दिया गया।
उधर, मतगणना केंद्र के बाहर भी प्रत्याशियों के समर्थक पल-पल की जानकारी जुटाते रहे। मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के जरिये रुझानों की जानकारी साझा की जाती रही। समर्थक अपने-अपने प्रत्याशियों को आगे बताते रहे, हालांकि आधिकारिक परिणाम को लेकर उत्सुकता बनी रही। मतगणना के दौरान सामने आई आपत्तियों और शुरुआती हलचल के बीच सभी की नजरें पहले राउंड के नतीजे पर टिकी रहीं।
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मऊ नगर पालिका के बूथ पर 50 मत अधिक निकलने से विवाद
मतगणना के दौरान टेबल नंबर तीन पर मऊ नगर पालिका के एक बूथ को लेकर विवाद हो गया। बताया गया कि बूथ पर 623 मत पड़े थे, जबकि मतपेटी से 673 मतपत्र निकले। 50 मतपत्र अधिक निकलने की बात सामने आने के बाद प्रत्याशी और उनके समर्थक आपस में बातचीत करते नजर आए।
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बांसी में बूथ पर दो मतपत्र कम मिले
बांसी में बूथ संख्या 36 पर मतगणना के दौरान दो मतपत्र कम मिलने की बात सामने आई। बताया गया कि बूथ पर कुल 540 मतपत्रों में से मतपेटी में 538 ही मिले। इसको लेकर मतगणना के दौरान स्थिति पर नजर रखी गई।
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अंबेडकरनगर के बूथ पर 16 मतपत्रों का अंतर
अंबेडकरनगर के एक बूथ पर मतपत्रों की गिनती में 16 मतपत्रों के अंतर की बात सामने आई। इसे लेकर मतगणना के दौरान स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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बनकटा बूथ के बॉक्स की सील खुली मिलने पर हंगामा
मतगणना के दौरान टेबल नंबर तीन पर जनपद देवरिया के बनकटा बूथ के एक मतपेटी बॉक्स की सील खुली मिलने पर प्रत्याशी और उनके समर्थक मौके पर जुट गए। मामले को लेकर चर्चा हुई। प्रत्याशियों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद संबंधित बॉक्स को अलग रख दिया गया। बाद में उसकी जांच करने की बात कही गई।
टेबल सात पर वैध-अवैध मतों को लेकर विवाद, कमिश्नर ने एजेंट को हटाया
गोरखपुर। मतगणना के दौरान टेबल संख्या सात पर वैध और अवैध मतों को लेकर विवाद हो गया। मामला बढ़ने पर कमिश्नर मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान प्रत्याशी पंकज सिंह के एजेंट नंदा पांडेय को मतगणना स्थल से बाहर कर दिया गया। टेबल पर मतों की वैधता को लेकर विवाद के बाद अधिकारियों की मौजूदगी से मतगणना स्थल पर हलचल बढ़ गई। हालांकि, विवाद के कारणों और एजेंट को बाहर किए जाने के संबंध में अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी।
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मऊ में बूथ पर आठ मतपत्र कम मिले
मोहम्मदाबाद गोहना के बूथ संख्या 116 पर मतपत्रों की गिनती में आठ मतपत्र कम मिले। इस बूथ पर कुल 583 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से 420 मतदाताओं के मतदान करने की जानकारी है, जबकि मतगणना के दौरान 412 मतपत्र मिले। मतदान के आंकड़े और मिले मतपत्रों की संख्या में आठ का अंतर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
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मतगणना ड्यूटी से अपर आयुक्त को हटाने की मांग
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी अजय सिंह ने अयोध्या मंडल के अपर कमिश्नर अजय सैनी को मतगणना ड्यूटी से हटाने की मांग की है। उन्होंने निर्वाचन आयोग को शिकायत भेजकर अधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
अजय सिंह का आरोप है कि अजय सैनी पिछले चुनाव में भी इसी निर्वाचन क्षेत्र में तैनात थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अपर कमिश्नर प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी की खुलकर पैरवी करते हैं और उनकी निष्ठा उनके प्रति है। ऐसे में उन्होंने निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने के लिए अजय सैनी को गणना ड्यूटी से हटाने की मांग की है। शिकायत के बाद से सैनी मतगणना स्थल पर नहीं दिखे। सैनी गोरखपुर में भी अपर कमिश्नर के पद पर तैनात रहे हैं।