पति के दीर्घायु की कामना के साथ सुहागिनें हरितालिका तीज व्रत मंगलवार (आज) को रखेंगी। निर्जल व्रत रख विधि-विधान से पूजन कर महादेव और माता पार्वती को प्रसन्न करेंगी।
वाराणसी से प्रकाशित हृषीकेश पंचांग के अनुसार, 30 अगस्त को तृतीया तिथि का मान दिन में दो बजकर 32 मिनट तक और हस्त नक्षत्र रात्रि 11 बजकर 52 मिनट तक है। इसके साथ ही शुभ योग के साथ ही सौम्य नामक औदायिक योग भी इस दिन बन रहा है जो पति-पत्नी के बीच मधुरता लाएगा।
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, सुहागिनें सूर्योदय से पूर्व ही जग जाएं। स्नान के बाद शृंगार करें। पूजन के निमित्त केले के पत्ते से मंडप बनाकर उसमें गौरी-शंकर और गणेश जी की मूर्ति या चित्रमयी प्रतिमा स्थापित करके पूजन करें।
पूजन में गणेश जी को मोदक (लड्डू) व भगवान शिव को नैवेद्य के साथ वस्त्र और माता पार्वती को भोग पदार्थों के अतिरिक्त सुहाग की वस्तु अर्पित करें।
सायंकाल पुन: प्रदोष बेला में विधि-विधान से पूजन कर तीज व्रत की कथा सुनें। अंत में आरती करके पूजा संपन्न करें। अगले दिन सुबह स्नान कर पूजन कर ब्राह्मणों को पूजन सामग्री के साथ ही सुहाग की वस्तुएं दान कर व्रत का पारण करें।