शादी के चंद घंटों बाद ही उजड़ गया काजल का सुहाग
धर्मसमधा दुर्गा मंदिर में शादी करने के बाद लौटते समय टैंपो पलटने से गई दूल्हे की जान
रामकोला-कसया मार्ग पर अमवा मंदिर के समीप हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोला (कुशीनगर)। धर्मसमधा दुर्गा मंदिर में शादी करने के बाद काजल (20) ससुराल जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही उसका सुहाग उजड़ गया। जिस टैंपो से वह परिजनों के साथ ससुराल जा रही थी अमवा मंदिर के समीप अनियंत्रित होकर पलट गया और उसके पति धर्मेंद्र (22) की जान चली गई। सास का पैर टूट गया।
जानकारी के अनुसार, तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के धनौजी गांव के धर्मेंद्र (22) पुत्र कैलाश की शादी देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र के सोनहुला रामनगर की काजल (20) पुत्री धर्मवीर से तय थी। दोनों परिवारों की सहमति से शुक्रवार को रामकोला के धर्मसमधा मंदिर में इनकी शादी कराई गई। दोनों परिवारों की मौजूदगी में वर-वधु ने एक-दूसरे को माला पहनाई। शाम करीब चार बजे धर्मेंद्र दुल्हन काजल, मां विद्यावती, सास शकुंतला देवी और साले अमित के साथ टैंपो से कसया के लिए चले। रामकोला-कसया मार्ग पर अमवा मंदिर के समीप पहुंचे थे कि टैंपो अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलट गया। हादसे में दूल्हे धर्मेंद्र की मौत हो गई और मां विद्यावती का पैर टूट गया। आसपास के लोगों ने दोनों को रामकोला सीएचसी भेजा, जहां डॉक्टर ने धर्मेंद्र को मृत घोषित कर दिया और घायल विद्यावती देवी को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रामकोला पुलिस ने धर्मेंद्र का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी काजल
हादसे के बाद काजल का रो-रोकर बुरा हाल है। वह अपनी मां से लिपटकर रो रही थी और बेहोश हो जा रही थी। उसकी हालत देखकर दूसरे लोगों के आंखों में आंसू आ जा रहे थे। बड़ी मुश्किल से परिजन उसे सांत्वना दे पा रहे थे। किसी के समझ में नहीं आ रहा था कि क्या कहकर उसे ढांढस बंधाएं। वह ऐसी दुल्हन थी जो ससुराल की चौखट पर पहुंचने से पहले ही सुहाग खो चुकी थी।