- स्मार्ट मीटरों के कनेक्शन बिना बिजली निगम की ओर से रिजेक्ट किए गए ज्यादातर मीटरों को सिस्टम में किया फीड
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। अचानक 3778 मीटर जांच स्वीकृत मामले में जांच के लिए रिजेक्ट किए गए स्मार्ट मीटरों के कनेक्शन बिना अधिशासी अभियंताओं (एक्सईएन) की अनुमति सिस्टम पर चढ़ा दिए गए थे। अब इन 3778 कनेक्शन को वापस सिस्टम से हटा दिया गया है। इन कनेक्शनों से जुडे इलेक्ट्राॅनिक मीटर्स की टेस्ट डिवीजन में जांच होगी। इसके बाद इनके बिल बनेंगे। इसके साथ ही कनेक्शन सिस्टम पर दर्ज करने की भी जांच शुरू हो गई है।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुए गहराई से जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि बिजली निगम के ही किसी कर्मचारी ने परीक्षण खंड के एक्सईएन का आइडी व पासवर्ड बांटा होगा। इसी के सहारे रिजेक्ट किए गए ज्यादातर मीटरों को सिस्टम में फीड कर दिया गया होगा। विद्युत टेस्ट डिवीजन प्रथम के एक्सईएन परवेज आलम ने अपने पत्र में लिखा है कि 16 सितंबर को रिजेक्ट मामलों की संख्या 3963 थी। उनकी आईडी का दुरुपयोग करते हुए 17 सितंबर को दोपहर 2:35 बजे से रात 11:54 तक 3168 और 18 सितंबर की रात 12:02 बजे से रात 1:42 बजे तक 228 और सुबह 7:04 बजे से 10:40 बजे तक 503 रिजेक्ट मामलों को अनुमोदित कर दिया गया। 18 सितंबर को उन्होंने सिस्टम पर अपनी आइडी खोलने की कोशिश की तो पता चला कि पासवर्ड बदला गया है।लिखा है कि राजस्व की क्षति से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। इसकी पूरी जांच जरूरी है।
इसके साथ ही आरडीएसएस के मुख्य अभियंता मुकेश कुमार ने कार्यदायी संस्था के जीनस पावर सॉल्यूशन के मुख्य परिचालन अधिकारी सुशील अग्रवाल को पत्र लिख कर मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है।