- एम्स गोरखपुर में मिली सफलता
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान गोरखपुर (एम्स) में किडनी फेल्योर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित 120 मरीजों की सफल आर्टेरियो-वेनस फिस्टुला सर्जरी की गई है। इसके तहत धमनी और नसों को सीधे जोड़ा गया। पहली बार गोरखपुर में किसी स्वास्थ्य केंद्र की तरफ से ये सफलता मिली है।
एवी फिस्टुला को हीमोडायलिसिस के लिए सर्वाधिक सुरक्षित, प्रभावी एवं लंबे समय तक वैस्कुलर एक्सेस माना जाता है। अस्थायी कैथेटर की तुलना में इस विधि से संक्रमण की कम संभावना, बेहतर कार्यक्षमता और लंबे परिणाम सामने आते हैं। किसी भी सफल एवी फिस्टुला निर्माण के लिए सटीक पूर्व-ऑपरेटिव मूल्यांकन, रक्त वाहिकाओं की विस्तृत जांच, सूक्ष्म शल्य तकनीक तथा नियमित अनुवर्ती देखभाल अत्यंत आवश्यक होती है। गोरखपुर एम्स के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता के निर्देशन में यह सर्जरी की गई। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार एवं उनकी टीम भी इस दौरान साथ मौजूद रही। कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने इस ऑपरेशन के लिए पूरी टीम को बधाई दी।