एमएमएमयूटी में मोबाइल, कंप्यूटर प्रोसेसर बनाने के गुर सीखेंगे विद्यार्थी
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) तीन करोड़ की लागत से आर्म सेंटर ऑफ एक्सिलेंस एवं इनोवेशन सेंटर स्थापित करने जा रहा है। छात्रों को तीन वर्ष का अतिरिक्त कोर्स करने को मौक ा मिलेगा ताकि वे खुद को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार कर सकें। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर प्रोसेसर और मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने का कोर्स भी शामिल किया गया है।
एमएमएमयूटी जल्द ही ब्रिटेन के कैंब्रिज की आर्म लिमिटेड कंपनी के साथ करार करेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन और कंपनी के बीच सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। इस सेंटर से कोर्स को विद्यार्थी अपने इंजीनियरिंग कोर्स के दूसरे वर्ष से साथ-साथ कर सकेंगे। कोर्स करने के लिए कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को अवसर मिलेगा।
प्रशिक्षित किए जाएंगे शिक्षक
नए पाठ्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण देने के लिए आर्म लिमिटेड के मुख्यालय कैंब्रिज से प्रशिक्षकों को आमंत्रित किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर विशेष प्रशिक्षण के लिए शिक्षकों को कैंब्रिज भेजा जाएगा।
देश का होगा चौथा सेंटर
एमएमएमयूटी देश का चौथा और उत्तर भारत का पहला तकनीकी विश्वविद्यालय होगा, जहां आर्म इनोवेशन सेंटर स्थापित होगा। देश में विश्वेसरैया तकनीकी विश्वविद्यालय बंगलूरू, जवाहरलाल नेहरू तकनीकी विश्वविद्यालय, हैदराबाद और अन्ना विश्वविद्यालय चेन्नई में यह सेंटर स्थापित हो चुका है।
प्रस्तावित कोर्स
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- मोबाइल टेक्नोलाजी
- फाइव-जी नेटवर्किंग
- इंटरनेट ऑफ थिंग्स
- स्मार्ट सिटी, स्मार्ट होम और स्मार्ट मोबाइल
- ऑटोमोटिव इलेक्ट्रानिक्स
- कंडक्टर डिवाइसेज।
आज जरूरत है कि विद्यार्थियों को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किया जाए। नए पाठ्यक्रम रोजगारपरक हैं। इससे छात्रों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। नौकरी में भी मदद मिलेगी।
प्रो. जेपी पांडेय, कुलपति, एमएमएमयूटी