- शिक्षा विभाग के बोर्ड ऑफ स्टडीज ने सर्वसम्मति से लिया बदलाव का निर्णय
- 15 दिसंबर से शुरू होने वाली विषम सेमेस्टर में नहीं आएंगे वैकल्पिक प्रश्न
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों के सभी बीएड विद्यार्थियों को अब प्रत्येक सेमेस्टर में वर्णनात्मक परीक्षा ही देनी होगी। परीक्षा में आने वाले वैकल्पिक सवालों से उन्हें मुक्त कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के बोर्ड ऑफ स्टडीज ने बैठक कर सर्वसम्मति से इस बाबत निर्णय ले लिया है।
यह भी निर्णय लिया गया है कि परीक्षा प्रणाली में होने वाला यह बदलाव केवल नए सत्र से नहीं बल्कि उन विद्यार्थियों पर भी लागू होगा, जो बीते सत्र से बीएड कर रहे हैं। इससे साफ है कि 15 दिसंबर से शुरू होने वाली विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं में बीएड विद्यार्थियों के प्रश्नपत्र वर्णनात्मक होंगे।
बीएड पाठ्यक्रम की लिखित परीक्षा में अब तक 75 अंक के सवाल आते रहे हैं। इनमें 60 अंक वैकल्पिक सवालों के होते थे और वर्णनात्मक सवाल केवल 15 अंक के ही आते थे। अब पूरे 75 अंक के सवाल वर्णनात्मक ही पूछे जाएंगे। इसके पीछे विभाग का मकसद योग्य शिक्षक तैयार करना है।
बोर्ड ऑफ स्टडीज के सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह माना है कि वैकल्पिक सवाल का जवाब देकर तैयार हो रहे विद्यार्थियों में व्याख्यात्मक क्षमता का अभाव हो जाता है, जो एक शिक्षक के लिए ठीक नहीं। इस बदलाव का प्रस्ताव शिक्षाशास्त्र विभाग की डीन व अध्यक्ष प्रो. शोभा गौड़ ने कुलपति प्रो. पूनम टंडन के समक्ष रखा था, जिसे कुलपति ने उपयुक्त माना और इसे लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा।
इसी क्रम में बोर्ड ऑफ स्टडीज ने तत्काल प्रभाव से नए और पुराने सभी विद्यार्थियों पर वर्णनात्मक परीक्षा प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। प्रो. गौड़ ने बताया कि 15 दिसंबर से होने वाले विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र पूरी तरह वर्णनात्मक होंगे, इसे लेकर प्रश्नपत्र का प्रारूप तैयार किया जा रहा है।