गोरखपुर। दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में टाउनहाॅल स्थित गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन के लिए जुटे सात छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस सभी छात्रों को थाने ले गई, जहां उनके परिजनों को बुलाया गया। काउंसलिंग के बाद छात्रों को समझाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस ने छात्रों को बिना अनुमति सार्वजनिक प्रदर्शन करने से होने वाली कानूनी कार्रवाई और उसके प्रभावों की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि किसी भी मामले में प्राथमिकी दर्ज होने से भविष्य और कॅरिअर पर असर पड़ सकता है। इसके बाद छात्रों को कानून का पालन करने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की सलाह दी गई। पुलिस के अनुसार, छात्रों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाया गया था। अधिकारियों ने छात्रों को अफवाहों और भड़काऊ गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी।
सीओ कोतवाली ओंकार दत्त ने बताया कि छात्रों के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। उन्हें केवल एहतियात के तौर पर रोका गया था। काउंसलिंग के बाद सभी छात्रों को सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया गया। शहर के संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है और सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है।
इधर, जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में मंगलवार को बांसगांव विधानसभा क्षेत्र के कौड़ीराम में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं, युवाओं और छात्रों ने पदयात्रा निकालने का प्रयास किया। पुलिस ने पदयात्रा को रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। इसके बाद पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर कार्यक्रम समाप्त करा दिया। पदयात्रा में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता, छात्र और युवा शामिल हुए।
इस दौरान संजय पहलवान, राम प्रवेश यादव, सुमन पासवान, संजय कुमार, राम अजोर मौर्य, राम निरंजन यादव, हरिकेश पहलवान, सीताराम गोंड, भीम रावत आदि मौजूद रहे। वहीं, कौड़ीराम में नीट परीक्षा लीक और जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज के विरोध में पैदल मार्च निकालने की सूचना पर गगहा और बांसगांव थाना पुलिस मौजूद रही।