विरोध प्रदर्शन करते विश्वविद्यालय के छात्र।
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तकनीकी विश्वविद्यालयों और पालीटेक्निक कॉलेजों में पिछड़े वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिलने के विरोध में छात्रों ने विश्वविद्यालय मुख्य द्वार से पैदल मार्च निकाला। अपर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा और जांच कराने की मांग की।
सपा छात्रसभा के पूर्व प्रदेश सचिव शिवशंकर गोंड ने कहा कि ओबीसी वर्ग के छात्रों के साथ जानबूझकर अन्याय हो रहा है। प्रतिपूर्ति शुल्क के लिए 68.2 प्रतिशत और छात्रवृत्ति के लिए 53 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए जाने से प्रदेश में हजारों छात्रों का आवेदन छंट गया।
इससे गरीब विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित होंगे। यह जानकारी आवेदन करते समय नहीं दी गई और जब छात्रवृत्ति देने की बात आई तो ऑनलाइन आवेदन पर टिप्पणी लिखकर बताई जा रही है। अर्पित वर्मा और अनुराग गुप्ता ने कहा कि छात्रवृत्ति एवं प्रतिपूर्ति शुल्क नहीं मिलने के कारण विद्यार्थी तकनीकी की पढ़ाई से वंचित होंगे।
पैदल मार्च में प्रशांत कुमार, रजनीकांत, विकास गोंड़, निकेत वर्मा, संदीप यादव, राहुल, डिंपल यादव, सत्यपाल सिंह, अमन कुमार, अविलेश प्रजपति, महेश साहनी, आशुतोष साहनी आदि शामिल रहे।