गोरखपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणाम घोषित करने सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने सोमवार को एक बार फिर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में गोविवि के एलएलबी के विद्यार्थियों के अलावा डीएवी पीजी, एमपी पीजी कॉलेज के बीए, बीएससी के छात्र शामिल रहे।
एलएलबी के विद्यार्थियों ने कहा कि पांचवें सेमेस्टर में अधिकतर छात्रों को एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ के पेपर में फेल कर दिया गया है। यह खेल जानबूझकर किया गया है। विद्यार्थी कुलपति आवास के सामने धरने पर बैठे रहे। साथ ही विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर भी प्रदर्शन किया। इसकी वजह से अन्य विद्यार्थी मेन गेट के रास्ते अंदर नहीं जा पाए। इस दौरान छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे।
वहीं, दूसरी तरफ इन्हीं छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में हॉस्टल की मांग को लेकर धरना दिया। विद्यार्थियों का कहना था कि एलएलबी और एलएलएम के कुल सीट के सापेक्ष 10 प्रतिशत छात्रों को कक्ष आवंटित किया जाता था। इस बार इस मानक का पालन नहीं किया गया है। एलएलबी में 30 से अधिक छात्रों को हॉस्टल दिया जाता था, इस बार केवल आठ छात्रों को ही हॉस्टल में कमरा दिया गया है।
वहीं, एलएलएम में 10 के स्थान पर एक छात्र को कक्ष आवंटित किया गया है। छात्रों ने कहा कि अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। वहीं डीएवी पीजी, एमपीजी कॉलेज के छात्रों ने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय जानबूझकर परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी की गई है, जिसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान दोनों स्थानों पर छात्रों से बातचीत करने के लिए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह पहुंचे। उन्होंने परीक्षा परिणाम के लिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों को आश्वासन दिया कि जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इसके बाद छात्र माने। वहीं, हॉस्टल के लिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बताया कि इस मामले में अभी कुछ भी नहीं कहां जा सकता है। मेस की फीस कम करने पर विचार किया जाएगा।