कोरोना काल में ऑनलाइन क्लास या परीक्षा से दूरी बनाने वाले विद्यार्थियों की मुसीबत बढ़ने वाली है। सीबीएसई ने स्कूल संचालकों को ऑफलाइन या ऑनलाइन मोड में छमाही और प्रीबोर्ड परीक्षाओं की अनुमति प्रदान की है।
नियम के मुताबिक 75 फीसदी उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को ही परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाता है। ऐसे में अगर कोई विद्यार्थी इन परीक्षाओं में शामिल नहीं होता है तो वो नियम के मुताबिक अगली कक्षाओं में नहीं जा सकेगा।
गाइडलाइंस के मुताबिक अगर कोई विद्यार्थी छमाही परीक्षा को छोड़ देता है तो वार्षिक परीक्षा के नंबर मिलाकर उसे उत्तीर्ण घोषित कर दिया जाता है। इसके बाद भी अगर विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हो जाता है तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा के माध्यम से एक और अवसर प्रदान किया जाता है।
मौजूदा दौर में न तो बच्चे ऑनलाइन क्लास में रूचि ले रहे हैं और ना ही अब तक हुई परीक्षाओं में ही दिलचस्पी दिखाई है। ऐसे में अगर बोर्ड की ओर से कोई नई गाइडलाइंस नहीं आती है तो सैकड़ों बच्चों को वार्षिक परीक्षाओं से मौजूदा नियमों के अनुसार बाहर होना पड़ेगा।