इसी क्रम में गोपनीय सूचना मिली कि चाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के अनुसूची-एक में चिह्नित रेड सैंड बोवा सांप (बोलचाल की भाषा में दो मुंहा सांप) की तस्करी गोरखपुर से नेपाल राष्ट्र को की जाने वाली है। एसटीएफ प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि सांप की तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही के निर्देशन में मेरे नेतृत्व में अभिसूचना संकलन की जा रही थी कि सोमवार को एसटीएफ व वन विभाग व डब्लूसीसीबी की टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में अभियुक्त रमाशंकर मौर्य ने बताया कि रेड सैंड बोवा सांप की तस्करी करने वाला एक गिरोह है, जिसका सदस्य शैलेंद्र यादव, इमरान खान और अरुण सिंह आदि हैं। इन लोगों ने ही रमाशंकर मौर्य के बैंक खाते में 20 लाख दिए और उसे गुन्टूर, चेन्नई भेजे थे। वहां पर कुछ लोग मिले जो जीप से लगभग पांच घंटे की दूरी पर अंदर जंगल में ले गए।
वहां पर उन लोगों ने एक बैग में यह बहुमूल्य रेड सैंड बोवा सांप दिया। उसे लेकर वह गोरखपुर आया था। इसके पूर्व में भी वह कई बार रेड सैंड बोवा सांप ला चुका है, लेकिन लखनऊ पहुंचते-पहुंचते सांप मर जाते थे, इसलिए इसे यहीं फेंक देता था। इस सांप का प्रयोग तंत्र-मंत्र और दवा बनाने में किया जाता है। नेपाल के रास्ते चीन तक सांप की तस्करी होती है। सांप के रख-रखाव एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए वन विभाग को सूचित कर दिया गया है।