गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान की शेरनी मरियम की स्थिति बेहद नाजुक है। वन्य जीव विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश की सबसे उम्रदराज शेरनी मरियम का उठ पाना अब मुश्किल है। करीब 10 माह से उसकी तबीयत खराब है और इसकी वजह से बाड़े के क्राल और नाइट सेल के भीतर ही इलाज किया जा रहा था।
पशु चिकित्सकों की टीम के साथ बरेली आईवीआरआई और लखनऊ प्राणि उद्यान सहित अन्य विशेषज्ञों की टीम भी पल-पल इलाज और अन्य स्थितियों की जानकारी ले रही है।
गोरखपुर चिड़ियाघर शुरू होने के पूर्व मरियम को शंकरबाग से इटावा सफारी पार्क लाया गया। वहां से 28 फरवरी 2021 को इसे गोरखपुर लाया गया था। चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2021 में 17 वर्ष की उम्र में मरियम की तबीयत अत्यधिक खराब हुई थी।
तीन माह (सितंबर, अक्तूबर और नवंबर) तक लगातार उसका उपचार चला था। वर्ष 2022 में 2 महीने अगस्त और सितंबर में उसकी तबीयत खराब रही। इसके बाद अप्रैल 2023 में मरियम फिर बीमार हुई तो अब तक स्वस्थ नहीं हो सकी है। शनिवार रात में उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई।
वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह ने बताया कि बड़े वन्य जीव बेहद संंघर्षशील होते हैं, लेकिन तबीयत खराब होने पर लेटने के बाद उनका उठना बेहद कठिन होता है। मरियम का भी यही हाल है। भगवान का कोई चमत्कार ही शायद उसे उठा सके। वैसे भी मरियम सामान्य उम्र से अधिक जीवन जी रही है।
प्राणि उद्यान के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि मरियम को फ्लूड थेरेपी के सहारे पानी और अन्य दवाएं दी जा रही हैं। बेहतर से बेहतर इलाज किया जा रहा है, लेकिन कुछ खास असर नहीं दिख रहा। चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि तबीयत खराब होने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देने के साथ शंकरबाग, गुजरात से बब्बर शेरों को लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
चिड़ियाघर मनाता है जन्मदिन
चिड़ियाघर प्रबंधन प्रतिवर्ष मरियम का जन्मदिन मनाता है। इस मौके पर मांस का केक मरियम को दिया जाता है। इस बार अस्वस्थ होने के चलते 3 नवंबर को उसका जन्मदिन भी सामान्य तरीके से ही मनाया गया था। मरियम के भाई-बहन की मौत हो चुकी है।