गोरखपुर विश्वविद्यालय के विधि विभाग की पूर्व छात्रा की वायरल पोस्ट की जांच कर रही समिति समय सीमा बीतने के बाद भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। कुलपति ने तीन दिनों में जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा था। सूत्रों की माने तो कुलपति ने ठीक ढंग से जांच नहीं होने पर नाराजगी जताई है। मामले में जांच समिति को नोटिस भी जारी हो सकता है।
विश्वविद्यालय की समिति ने जांच के दौरान अभी तक आरोप लगाने वाली पूर्व छात्रा और तीनों शिक्षकों का बयान नहीं लिया है। समिति की दो बैठकें हो चुकी हैं। खबर है कि समिति में भी सहमति नहीं बन पाई है। अब मामला कोर्ट में जा सकता है। पूर्व छात्रा ने सोशल मीडिया में पहले ही संकेत दे दिया है कि साक्ष्यों की जरूरत पड़ने पर कोर्ट में प्रस्तुत करेगी।
जानकारी के मुताबिक जिन पर आरोप लगे हैं वे शिक्षक भी विधिक राय लेकर कोर्ट में मानहानि का मुकदमा करने की तैयारी में हैं। शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में पूर्व छात्रा के प्रकरण को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे। अभी तक मामले में शिक्षकाें और पूर्व छात्रा, दोनों तरफ से मुकदमे को लेकर पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है।
थैंक्यू सो मच अभिषेक जी...फॉर योर गाइडेंस
गोरखपुर विश्वविद्यालय के तीन शिक्षकों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पूर्व छात्रा ने फेसबुक वाल पर नई पोस्ट कर माहौल गरम कर दिया है। पूर्व छात्रा ने लिखा है, थैंक्यू सो मच अभिषेक जी...फॉर योर गाइडेंस। जिस अभिषेक का उसने जिक्र किया है, उसे पूर्व में अपनी पोस्ट पर अभिषेक शुक्ला नाम से संबोधित कर आरोपी एक शिक्षक का भाई बताया था। विश्वविद्यालय परिसर में अब चर्चा यह है कि अभिषेक कौन हैं, किस प्रकार से उसने पूर्व छात्रा की मदद की है। कहीं, यह एक तंज तो नहीं है।