गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी त्रिपाठी ने कहा कि जीवन में चुनौतियां हर कदम पर आती हैं लेकिन सफलता का मार्ग भी इन्हीं चुनौतियों के बीच से निकलता है। कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनका डटकर सामना करना चाहिए। युवा केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित न रहें बल्कि दूसरों को रोजगार देने की क्षमता विकसित करें।
वह दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में आयोजित दीक्षांत समारोह को बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रदेश आज एक्सप्रेसवे का हब बन चुका है। औद्योगिक विकास, निवेश और आधारभूत ढांचे के विस्तार से रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में युवाओं को अपनी प्रतिभा और नवाचार के बल पर उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझना भी है। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, कौशल और नवाचार का उपयोग देश के विकास में करना चाहिए। भारत के विकास की सबसे बड़ी ताकत युवा हैं। यदि वे अपने सपनों को संकल्प और परिश्रम से जोड़ दें तो न केवल अपना भविष्य संवारेंगे बल्कि राष्ट्र को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।