कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गोरखपुर सहित अन्य 15 जिलों में लॉक डाउन के ऐलान के बीच भारतीय स्टेट बैंक ने अपने ग्राहकों को आवश्यक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अपनी सभी शाखाएं खोले रखने का फैसला लिया है। भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम पीसी बरोड़ ने बताया कि देश के सबसे बड़े बैंक होने के नाते ग्राहकों को लॉक डाउन के दौरान भी आवश्यक बैंकिंग सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होने ग्राहकों को किसी भी प्रकार के अफवाहों से दूर रहने की सलाह देते हुए यह विश्वास दिलाया कि सभी बैंको के पास पर्याप्त नकदी है। और इस संकट के दौरान सभी एटीएम में दैनिक आधार पर नकदी उपलब्ध कराई जा रही है।
एहतियात के तौर पर सरकार और आईबीए ने वर्तमान में ग्राहक नकदी जमा, निकासी, चेक जमा करने, एनईएफटी/आरटीजीएस एवं सरकारी लेनदेन सिर्फ अतिमहत्वपूर्ण बैंकिंग कार्यों के लिए ही पूर्ण सुरक्षा के साथ ही बैंक परिसर में प्रवेश करें।
पासबुक प्रिंटिंग, नया खाता खोलने, खाते में परिवर्तन, मोबाइल अपडेशन व अन्य कोई जानकारी के लिए 31 मार्च या आईबीए/सरकार के अन्य दिशानिर्देशों के अनुसार बाद में जारी रहेंगे। साथ ही सभी शाखाओं मे ग्राहकों के प्रवेश को नियंत्रित करने और प्रवेश से पहले सेनेटाइजर से हाथ अच्छी तरह से साफ करने या हाथ धुलवाने की व्यवस्था की गई है।
बरोड़ ने ग्राहकों से बैंक की डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने का आवाहन करते हुए कहा कि एसबीआई योनो सहित बैंक की अन्य डिजिटल सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी उनका इस्तेमाल कर ग्राहक अपने घर से सुरक्षित बैंकिंग लेनदेन कर सकते हैं। उन्होने बताया कि एहतियात के तौर पर सोमवार को अंचल में तैनात 57 वर्ष से अधिक के स्टाफ सदस्यों के अलावा सभी महिलाओं को घर से काम करने की अनुमति दी गई है।
इसके अलावा लगभग 50 प्रतिशत कर्मचारियों को बैंक के अगले दिशानिर्देश तक घर से काम करने की भी अनुमति दी जा रही है ताकि बैंक परिसर में आवागमन कम किया जा सके।
यह भी बताया कि बैंक शाखा एवं अन्य परिसरों में कोरोना से निपटने के लिए नियमित तौर पर पर्याप्त साफ सफाई के इंतजाम किए गए है तथा ग्राहकों की संख्या भी नियंत्रित करने के लिए टोकन लेकर एवं हाथ अच्छी तरह से धोकर ग्राहकों को प्रवेश की व्यवस्था की गई है।