नेपाल बॉर्डर के कनमिसवां गांव से एसएसबी जवानों ने सोमवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे गस्त के दौरान दो लोगों को नेपाल राष्ट्र में प्रवेश करते हुए पकड़ लिया। उसके बाद जवानों ने पकड़े गए दोनों लोगों को बीओपी पथलहवा कैंप लाकर पूछताछ करने के बाद बहुआर चौकी पुलिस को सुपुर्द कर दिया।
वहीं सूचना मिलने पर चौकी पर पहुंचे उपजिलाधिकारी अभय कुमार गुप्ता व क्षेत्राधिकारी रणविजय सिंह ने भी पकड़े गए दोनों लोगों से पूछताछ की। उसके बाद उच्चधिकारियों के निर्देश पर दोनों लोगों की जांच के लिए एंबुलेस से जिला अस्पताल भेज दिया गया।
एसएसबी पथलहवा बीओपी के इंस्पेक्टर सतीश लाल ने बताया कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए देश मे लॉकडाउन लगा है। वहीं इस मुहिम को सफल बनाने के लिए इंडो-नेपाल बॉर्डर की खुली सीमा को भी बंद बॉर्डर पर संदिग्धों की निगरानी बढ़ा दी गई है। इसी बीच मंगलवार को बॉर्डर के कनमिसवां गांव के पास से नेपाल राष्ट्र में प्रवेश करते दो लोगों को पकड़ लिया गया।
जिन्हें बीओपी में लाकर प्राथमिक स्तर पर जवानों द्वारा पूछताछ की गई, तो उन लोगों ने जिला सप्तरी नेपाल राष्ट्र का निवासी बताया। जवानों के पूछताछ में पकड़े गए दोनों लोगों ने बताया कि वह भारत के जालंधर कमाने गए थे। लॉकडाउन लगने के कारण वहां से पैदल चलकर, तो कहीं दूसरों से मदद लेकर नेपाल बॉर्डर तक आ गए थे। अब बॉर्डर से नेपाल राष्ट्र में प्रवेश कर घर जाने के फिराक में थे।
क्षेत्राधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि नेपाल निवासी दो मजदूर जालंधर कमाने गए हुए थे। देश में लॉकडाउन लगने के कारण वापस वह अपने देश नेपाल राष्ट्र को जा रहे थे। इसी बीच बॉर्डर पर मुस्तैद एसएसबी जवानों ने दोनों को कनमिसवां गांव के पास पकड़ लिया। जिन्हें जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। जांच के बाद उच्चधिकारियों के निर्देश पर दोनों को क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा।