गीता वाटिका में रासलीला का मंचन करते वृंदावन से आये कलाकार।
गीता वाटिका : पुण्यात्मा में होती है भागवत कथा सुनने की इच्छा
गोरखपुर। राधा बाबा के 108वें जन्मोत्सव के अवसर पर गीता वाटिका प्रांगण में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा हो रही है। इसके दूसरे दिन रविवार को कथा व्यास मदन मोहन दास ने कहा कि भागवत महापुराण में निष्काम परम धर्म सहित जीव के वास्तविक कल्याण का निरूपण किया गया है। भागवत सुनने की इच्छा पुण्यात्मा के हृदय में ही जागृत होती है। चित्त को निष्काम करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की महिमा अनंत है। संत जन अपनी सामर्थ्य के अनुसार भगवान के गुणगणों का गान करते हैं। वेदव्यास जी ने श्रीमद्भागवत महापुराण को पुराणों का सम्राट बताया है। श्रीमद्भागवत महापुराण इहलौकिक एवं पारलौकिक दोनों प्रकार की कामनाओं को पूर्ण करने वाला ग्रंथ है। कथा व्यास ने कहा कि हम थोड़ा सा भजन करते हैं तो भगवान से हिसाब मांगने लगते हैं।
भगवान ने हमें देवदुर्लभ मानव शरीर, रहने के लिए भूमि, पीने के लिए जल, सांस लेने के लिए वायु आदि सब कुछ तो उन्होंने हमें दिया लेकिन कभी हमसे हिसाब नहीं मांगा। उन्होंने कहा कि सच्चा सुख केवल भगवान के चरण कमलों की भक्ति में ही मिलता है।
नारद मोह प्रसंग देख मंत्रमुग्ध हुए लोग
गीता वाटिका में आयोजित राधा बाबा जन्मोत्सव के अंतर्गत आयोजित हो रहे रास लीला कार्यक्रम में रविवार को वृंदावन से आए स्वामी श्रीरामजी शर्मा की रास मंडली ने श्री राधा माधव एवं गोपी जनों के रास नृत्य के बाद नारद मोह प्रसंग लीला की प्रस्तुति दी। इसे देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।