खेल दिवस की पूर्व संध्या पर सेंट एंड्रयूज फुटबॉल ग्राउंड पर सेंट एंड्रयूज फुटबॉल क्लब द्वारा आय
गोरखपुर। खेल दिवस पर आज देश दुनिया हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद करेगी। उन्होंने खेल की बदौलत भारत की बादशाहत कायम की और विश्व पटल पर हॉकी को एक पहचान दी। गोरखपुर का इलाका भी कभी हॉकी का गढ़ माना जाता था। यहां के ओलंपियन स्व. अली सईद, प्रेम माया, डॉ. आरपी सिंह, दिवाकर राम, प्रीति दुबे जैस कई दिग्गजों ने हॉकी को पहचान दिलाने का काम किया था। इनमें कुछ खिलाड़ियों ने अपने जीवन के सबसे यादगार मुकाबलों को साझा किया।
-
अंतिम पांच मिनट में तीन गोल दाग भारत बना एशिया चैंपियन : दिवाकर
अपने जीवन के सबसे शानदार मैच की यादों को साझा करते हुए शहर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी दिवाकर राम ने बताया कि उनकी कप्तानी में 2008 में भारतीय जूनियर हॉकी टीम एशिया कप मुकाबला हैदराबाद में खेल रही थी। दक्षिण कोरिया से खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम 2-0 से पिछड़ रही थी। ऐसा लग रहा था कि अब मैच हार जाएंगे, लेकिन अंत समय में दर्शकों ने ऐसा जोश भरा कि अंतिम पांच मिनट में ही टीम ने तीन गोल दागकर मुकाबला 2-3 से जीतकर भारत एशिया चैंपियन बन गया। बताया इस मैच में उन्होंने दो गोल किए, जबकि एक गोल के लिए पास दिया था।
ऐसा लग रहा था मैच ड्रा हो जायेगा : प्रीति दुबे
शहर की अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी प्रीति दुबे ने अपने जीवन के सबसे यादगार मैच को साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2016 में सिंगापुर में आयोजित एशियन चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला अबतक का सबसे यादगार रहा। चाइना के साथ खेले गए इस इस मैच के पहले हाफ में दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर थीं। दूसरे हाफ में दोनों टीमें एक-एक गोल की थीं। ऐसा लग रहा था मैच ड्रा हो जाएगा। अंतिम 20 सेकेंड में भारतीय टीम को एक मौका मिला जिसे गंवाए बिना गोल कर इस मैच को जीतते हुए भारत एशियन चैंपियन बन गया।
-
सबसे यादगार मैच रहा एशियन गेम्स : प्रेम माया
ओलंपियन और अर्जुन अवार्डी हॉकी खिलाड़ी प्रेम माया ने अपने करियर के सबसे यादगार मैच को साझा करते हुए बताया कि दिल्ली में आयोजित एशियन गेम्स उनके लिए सबसे यादगार रहा। मैच में दुनिया की नंबर एक दक्षिण कोरिया की टीम भारतीय टीम के सामने थी, लेकिन यह मैच ऐसा हुआ जिसकी भारतीय टीम ने कल्पना भी नहीं की थी। इस मैच में महिला भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया की टीम को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया। गोल में प्रेम माया का भी योगदान था।