स्पेशल ट्रेनें इन दिनों बस नाम की रह गई हैं। सीट खाली देखकर यात्री टिकट करा ले रहे हैं लेकिन यात्रा के दिन उनको काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्पेशल ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। आलम यह है कि जिसको आज अपने गंतव्य पहुंचना है वह अभी ट्रेन का इंतजार ही कर रहा है।
गोरखपुर-पुणे स्पेशल ट्रेन रविवार को करीब 14 घंटे की देरी से रवाना हुई। इसे शनिवार की रात में 11:25 बजे जाना था लेकिन यह रविवार को दोपहर में 1:42 बजे रवाना हुई। इसके देर होने का कारण पुणे से गोरखपुर आने वाली ट्रेन का लेट होना था। वह ट्रेन करीब 15 घंटे देरी से आई जिसकी वजह से इसे री शेड्यूल करना पड़ा। हालांकि, पुणे-गोरखपुर स्पेशल के आने के दो घंटे के अंदर गोरखपुर से इस ट्रेन को रवाना कर दिया गया ताकि यात्रियों को और इंतजार न करना पड़े।
कौड़ीराम के हरिशंकर को गोरखपुर-पुणे स्पेशल ट्रेन से यात्रा करनी थी। इसके लिए वे शनिवार की रात में ही स्टेशन पर आ गए। आने पर पता चला कि ट्रेन लेट है, इसके बाद उन्होंने घर जाने से बेहतर प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना समझा। घर से जो खाना लाए थे, 14 घंटे के इंतजार में वह यहीं खत्म हो गया।
स्टेशन पर गुजरी रात
ट्रेन लेट होने की वजह से सबसे ज्यादा समस्या दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को हुई। उनके पास इंतजार के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं था। परिवार के साथ वह प्लेटफॉर्म पर चादर बिछाकर समय काटने को मजबूर थे। इंतजार में गर्मी उनके लिए और मुसीबत बन गई। वहीं, गर्मी की वजह से ट्रेन में सफर कर रहे यात्री भी परेशान दिखे।
ये ट्रेनें भी रहीं लेट
रविवार को आनंद विहार टर्मिनल-छपरा स्पेशल करीब सात घंटे देरी से गोरखपुर पहुंची। इसके अलावा जननायक एक्सप्रेस तीन घंटे, अमृतसर-छपरा स्पेशल 12 घंटे, बरौनी-राप्तीसागर एक्सप्रेस चार घंटे की देरी से गोरखपुर आई।