फर्जी केस दर्ज कराने वाली शातिर गोधना देवी, उसके बेटे दुर्गेश और सहयोगी दरोगा उमाकांत मिश्रा पर कैंट थाने में केस दर्ज कर लिया गया। आरोप है कि 19 जून को गोधना ने बेटे व दरोगा के साथ पीड़ित को मारने के लिए कचहरी में दौड़ा लिया था। पीड़ित की गोधना से पुरानी रंजिश है। पीड़ित का कहना है कि उसके बैनामाशुदा जमीन पर दरोगा की मदद से गोधना ने 2021 में जबरन कब्जा कर लिया था। पुलिस सभी को आपराधिक साजिश, मारपीट और धमकी देने का आरोपी बनाकर जांच कर रही है। आरोपी दरोगा वर्तमान में सिद्धार्थनगर जिले में तैनात है।
गोरखनाथ के जटेपुर उत्तरी निवासी ओमप्रकाश मिश्र ने केस दर्ज कराया है। पुलिस को उन्होंने बताया कि मां राधिका देवी के नाम से जटेपुर में मकान है, जो खंडहर हो गया था। 2016 में उसका निर्माण करा रहे थे, तब गोधना ने जालसाजी से फर्जी बैनामा विक्रेता संजना के नाम से तैयार कर लिया। फरवरी 2021 में बिना साक्ष्य के कथित राजस्व अधिकारी के आदेश का हवाला देते हुए गोधना के सहयोगी दरोगा उमाकांत मिश्रा ने खड़ा होकर जमीन पर कब्जा करा दिया। यह मामला अभी कोर्ट में चल रहा है।
इसी बीच 19 जून को दीवानी कचहरी में ओमप्रकाश किसी काम से गए थे। आरोप है कि गोधना, उसका बेटा दुर्गेश और आरोपी दरोगा वहां मौजूद थे। सभी देखते ही हमलावर हो गए। अधिवक्ताओं ने पीड़ित को बचा लिया। एसएसपी ने पूरे प्रकरण की जांच सीओ कैंट को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट के बाद कैंट थाने में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। जांच व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- अंशिका वर्मा, सीओ कैंट