कोरोना महामारी बुजुर्गों के लिए शामत बन गई है। कोविड वायरस का शिकार सबसे ज्यादा बुजुर्ग हुए हैं। 15 हजार संक्रमितों में करीब 5000 से अधिक बुजुर्ग संक्रमित मिल चुके हैं। जबकि 120 से अधिक संक्रमित बुजुर्गों की जान जा चुकी है। इस पर विशेषज्ञ बुजुर्गों की विशेष देखभाल करने की सलाह दे रहे हैं।
कोरोना महामारी का सबसे अधिक असर अब तक बुजुर्गों पर देखने को मिला है। जिन बुजुर्गों को पहले से शुगर, हाइपरटेंशन, बीपी की बीमारी थी। उनके लिए यह महामारी जानलेवा साबित हुई है। अब तक के मिले आंकड़े इस बात की तस्दीक भी कर रहे हैं। अब तक संक्रमण से हुए 248 मौतों में करीब 120 से अधिक बुजुर्गों की जान गई है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ राजेश कुमार बताते हैं कि कोरोना ने बहुत कुछ बदल दिया है। बुजुर्गों की सेहत को लेकर अब ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। क्योंकि अगर एक बार वायरस का असर बुजुर्गों पर हुआ तो उनके सेहत के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। जिन बुजुर्गों को पहले से शुगर, बीपी, किडनी की बीमारी थी, ऐसे बुजुर्गों की मौत संक्रमण की वजह से हुई है। इसलिए अब बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।
होम्योपैथी चिकित्सक डॉ रूप कुमार बनर्जी ने बताया कि कोरोना के दौरान बुजुर्गों की देखभाल के लिए विशेष कदम उठाएं जाने की जरूरत है। कहा कि घर में रहें। घर में आगंतुकों से मिलने से बचे। घर पर पका हुआ ताजा गर्म भोजन के माध्यम से उचित पोषण सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य की निगरानी करें। यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर डॉक्टर से सलाह लें। रूटीन चेकअप कराते रहे। यादाश्त समस्याओं वाले बुजुर्गों की विशेष ख्याल रखें।