संतकबीरनगर जिले के धनघटा तहसील क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में स्थित बाबा कुबेरनाथ शिव मंदिर हिंदू- मुस्लिम एकता का प्रतीक है। सैकड़ों वर्ष पहले झड़ियों में मिले शिवलिंग के चारों तरफ मंदिर बना कर पूजा- अर्चना की जा रही है, लेकिन शिवलिंग के ऊपर छत लगाने के प्रयास के दौरान अनहोनी घटनाओं की वजह से आज तक छत नहीं लग पाया।
सप्ताह के प्रत्येक सोमवार और महाशिवरात्रि पर्व पर बाबा भोलेनाथ के पूजा अर्चना के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। जन श्रुतियों के अनुसार आज से सैकड़ों वर्ष पहले मोहम्मदपुर गांव निवासी बुल्ला चाचा नामक वृद्ध गांव के बाहर बकरी चराते समय झाड़ियों में शिवलिंग देखा था।
उनके शोर मचाने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने शिवलिंग देख दंग रह गए। उसके बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक करने श्रद्धालु पहुंचने लगे। गांव निवासी अयोध्या नायक, राधेश्याम, गिरीश चंद्र नायक, अलगू प्रसाद तिवारी, राम सहाय यादव आदि बताते हैं कि सदगुरू पांडेय के नेतृत्व में वहां मंदिर का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन जब शिवलिंग के ऊपर छत लगाने की बारी आई तो अनेकानेक तरह की दैवीय आपदाएं आने लगी।