- गोरखनाथ और जटाशंकर स्थित झूलेलाल मंदिर में हुई विशेष पूजा-अर्चना
- चालिहो महोत्सव के दौरान समाज के लोग घरों में कर रहे सात्विक भोजन
गोरखपुर। चालिहो महोत्सव के तहत शुक्रवार को सिंधी समाज के लोगों ने भगवान झूलेलाल की श्रद्धा और आस्था के साथ पूजा-अर्चना की। गोरखनाथ एवं जटाशंकर स्थित भगवान झूलेलाल मंदिरों में भोग अर्पित करने के बाद विधिवत आरती की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग दर्शन और पूजा के लिए मंदिर पहुंचे।
मंदिरों में भजन-कीर्तन और आरती के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान झूलेलाल से परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। चालिहो महोत्सव के दौरान समाज के लोग धार्मिक नियमों का पालन करते हुए सात्विक जीवनशैली अपना रहे हैं। अधिकांश परिवारों में सात्विक भोजन तैयार किया जा रहा है और नियमित रूप से पूजा-पाठ व भजन-कीर्तन का आयोजन हो रहा है। गोरखनाथ स्थित झूलेलाल मंदिर में पुजारी सुखदेव एलानी के ओर से सुबह व शाम को भगवान झूलेलाल को भोग लगाकर आरती व पूजा-की गई। आरती के बाद मंदिर परिसर में ही बैठकर महिलाओं ने कुछ देर भगवान के भजन की। इसके बाद प्रसाद ग्रहण की।
वहीं जटाशंकर स्थित झूलेलाल मंदिर में भी पुजारी साईं रविदास की ओर से भोग आरती की गई। इस दौरान घंटा-घड़ियाल के बीच समाज के लोग आरती में शामिल हुए। इसके बाद भगवान झूलेलाल को पुष्प अर्पण कर मंगल की कामना की। समाज के पदाधिकारियों देवा केशवानी व विक्की कुकरेजा ने बताया कि चालिहो महोत्सव भगवान झूलेलाल के प्रति श्रद्धा, संयम और भक्ति का पर्व है। 40 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालु व्रत, पूजा-अर्चना और सेवा कार्यों के माध्यम से अपनी आस्था व्यक्त करते हैं।
इस अवसर पर दीवान चंद साधवानी, ओम प्रकाश रूपरेला, उमेश बिजलानी, प्रेम कटियार, राजेश कृपलानी, मूलचंद घवारी, लाजपत बुधवानी, विभिन्न पंचायतों के मुखी साहिबान, महामंत्री देवा केशवानी, नरेश बजाज, युवा सिंधी समाज के उपाध्यक्ष विक्की कुकरेजा, नरेश करमचंदानी, छाया, पायल व आंचल मौजूद रहे।