बैंड, बाजा और न ही बारात। पैदल ही चल दिए और निकाह करके ले आए अपनी दुल्हन को। निकाह में दूल्हा और दुल्हन पक्ष से केवल दो-दो लोग शामिल हुए और काजी साहब की मौजूदगी में निकाह कबूल हो गया।
लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जनप्रिय विहार वार्ड के शाहिदाबाद निवासी राजू उर्फ वसीउल्लाह का निकाह कुछ ऐसे ही हुआ। वसीउल्लाह का निकाह तकरीबन दो महीने पहले उनके घर से लगभग एक किलोमीटर दूर पुराना गोरखपुर वार्ड की वजीराबाद निवासी जरीना खातून से तय हुआ।
निकाह की तारीख रमजान से पहले 23 अप्रैल तय की गई क्योंकि रमजान के दौरान निकाह नहीं होता है। सब तैयारियों में लगे थे इसी दौरान लॉकडाउन हो गया। लोगों का घरों से निकलना बंद हो गया। ऐसे में तय तारीख को निकाह संभव नहीं लग रहा था।
वसीउल्लाह ने पार्षद ऋषिमोहन वर्मा से सलाह ली तो उन्होंने कहा कि दो-चार लोगों के साथ सोशल डिस्टेंस का पालन कर निकाह हो सकता है। ऐसे में दूल्हा-दुल्हन पक्ष केवल चार लोगों की मौजूदगी में निकाह संपन्न कराने को राजी हो गए।
दूल्हे की ओर से गुड्डू और शफीउल्लाह तो दुल्हन पक्ष से दुल्हन के वालिद निसार अहमद और उनके भाई शामिल हुए। चाय और नमकीन के साथ दावत की रस्म अदायगी भी हुई और काजी साहब की मौजूदगी में निकाह कबूल हो गया।
फिर वसीउल्लाह अपनी दुल्हन को विदा कराकर घर लौट आए। उन्होंने बताया कि उनके इस फैसले का कई लोगों ने मजाक भी उड़ाया लेकिन लोगों की परवाह किए बिना वे अपनी दुल्हन को विदा करा ले आए। जब स्थितियां सामान्य होंगी तो वे लोगों को दावत देंगे।