कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों में इलाज की सुचारू व्यवस्था नहीं है। दो मंत्री भी अपनी जान गंवा बैठे हैं जबकि अन्य कई संक्रमित पाए गए हैं। वेंटीलेटर और पीपीई किट का अभाव है। जहां वेंटीलेटर हैं वहां स्टाफ नहीं। किसान बदहाली का शिकार है। सरकार अभी तक गन्ना किसानों का बकाया नहीं दे सकी। खाद- बीज और कीटनाशक का संकट है। बिजली का बिल और डीजल के दाम बढ़ाकर खेती को चौपट किया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि नौजवान बेरोजगारी की मार झेल रहा है। लॉकडाउन में तमाम संस्थानों ने कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। सरकारी नौकरी में पांच साल संविदा की व्यवस्था भी गलत है।
इस दौरान जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी, जियाउल इस्लाम, अखिलेश यादव, डॉ. मोहसिन खान, चंद्रबली यादव, अवधेश यादव, रजनीश यादव, विजय बहादुर यादव, जफर अमीन डक्कू, अमरेन्द्र निषाद, जितेंद्र सिंह, सिहांसन यादव, शहाब अंसारी, शकील अंसारी , राहुल गुप्ता, सुनील सिंह, कपिल मुनि यादव, कालीशंकर, सुनील श्रीवास्तव, अशोक चौधरी, आजम लारी, चर्चिल अधिकारी, गवीश दुबे, बिंदा देवी, आफताब अहमद, शिव शंकर गौड़, शब्बीर कुरेशी, सुशीला भारती, उर्मिला देवी आदि मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने कहा है कि एक ओर कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है और दूसरी तरफ भाजपा सरकार की मनमानी कार्यशैली और दमनकारी नीतियों से जनता त्रस्त है। स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। भ्रष्टाचार पर कोई नियंत्रण नहीं है। बेहाल किसान, बेरोजगारी और अपराध बेलगाम है।
किसान बिल पूरी तरह से किसानों के हितों के खिलाफ है। कोरोना किट की खरीद में घोटाला हुआ है जिसे दबाया जा रहा है। अपराधी बेखौफ हैं। पुलिस प्रशासन उनके सामने असहाय नजर आ रहा है। रोज हत्या, लूट और अपहरण की घटनाएं हो रही हैं। महिलाएं एवं बच्चियां सुरक्षित नहीं। रोजगार मांगने पर नौजवानों पर पुलिस लाठियां चला रही है।