समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव कुंवर प्रताप सिंह ने कहा कि मेरे बेटे विजय प्रताप सिंह को साजिश के तहत जानबूझ कर फंसाया गया है। यह पूरा विवाद गांव के खेल मैदान की जमीन को लेकर है। इससे जुड़े लोग अब बेटे को फंसा रहे हैं। इसमें खोराबार थाने की पुलिस भी मिली है। मेरा बेटा गांव का प्रधान है इस लिए वह खेल का मैदान कब्जा करने वाले लोगों के निशाने पर है।
बृहस्पतिवार को एक प्राइवेट गाड़ी पर सवार कुछ लोगों ने बेटे को उठा लिया था। मैंने एसएसपी आवास पर जाकर बेटे के बारे में जानकारी करने की कोशिश की तो मुझे भी गिरफ्तार कर कैंट थाने पर 2 घंटे तक बैठाया गया और मेरा उत्पीड़न किया गया। इस बीच मुझे पता चला एक फर्जी वीडियो बनाकर कार्बाइन दिखाकर मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है।
चार साल बाद वीडियो सामने आना बना चर्चा का विषय
पुलिस ने अपनी जांच में खुद माना है कि वीडियो चार साल पुराना है। चार साल बाद वीडियो अचानक वायरल हो जाना महज एक संयोग है या फिर इसके पीछे कोई साजिश। इसे लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। कार्बाइन पाए जाने की कार्रवाई से किसी को एतराज नहीं, लेकिन विपक्षी पुलिस पर सवाल भी उठा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिसके घर पर मुंडन कार्यक्रम था, उसे यह बात तो तब से पता थी कि कार्बाइन विजय प्रताप के पास है, फिर उसने पहले पुलिस को क्यों नहीं बताया?
असलहे के रख रखाव करने वाला ऑयल भी मिला
पुलिस ने असलहे के साथ ही एक डिब्बा ऑयल भी बरामद किया है। जिसका इस्तेमाल असलहे को सुरक्षित रखने में किया जाता है। यही वजह है कि पुलिस मान रही है कि विजय प्रताप न सिर्फ असलहे का इस्तेमाल करता था, बल्कि ऑयल की मदद से उसे सुरक्षित रखता था। नियमित रूप से उसकी सफाई भी किया करता था।
पहले भी पकड़ी गई है कार्बाइन
- वर्ष 2018 : कैंट पुलिस ने पूर्व विधायक के पुत्र व तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख प्रिंस को गिरफ्तार कर कार्बाइन बरामद की थी।
- वर्ष 2005 : कोतवाली पुलिस ने गगहा के दो बदमाशों के पास से कार्बाइन बरामद की थी।
- वर्ष 2004 : चिलुआताल पुलिस ने एक नेता की कार से कार्बाइन बरामद की थी।