गैंगस्टर एक्ट में ओमप्रकाश पांडेय की जब्त भूमि पर प्लाटिंग कैसे हुई, किसने इसकी अनुमति दी और कौन दोषी है। तहसील प्रशासन इसकी जानकारी नहीं दे रहा है। मामले की जांच कर रहे एसपी सिटी रिपोर्ट देने के लिए सदर तहसील प्रशासन को तीन रिमाइंडर भेज चुके हैं। देरी की वजह अधिकारियों की व्यस्तता बताई जा रही है।
मोहद्दीपुर निवासी ओमप्रकाश पांडेय पर भूमि बेचने का झांसा देकर ठगी करने के कई केस दर्ज होने के बाद कैंट थाने की पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की थी। थानेदार की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने ओमप्रकाश के मकान व भूमि के साथ ही सभी संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया था।
मोहद्दीपुर स्थित मकान को सील करने के बाद तहसीलदार सदर ने एक मई 2023 को महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर- दो में स्थित ओमप्रकाश के हिस्से की 54 डिस्मिल भूमि को जब्त किया था। जिलाधिकारी ने तहसीलदार को रिसीवर नियुक्त किया था। जब्ती की कार्रवाई के बाद तहसील प्रशासन ने डुगडुगी पिटवाकर आसपास के लोगाें को कार्रवाई की जानकारी देने के साथ ही भूमि पर बोर्ड भी लगवाया था, जिसे हटाकर मोहल्ले में रहने वाले कुछ लोगों ने प्लाटिंग कर दी।
जमानत पर छूटने के बाद ओमप्रकाश ने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बैकहो लोडर से ईंट हटा दी गई। अधिकारियों के निर्देश पर एसपी सिटी अभिनव त्यागी इस मामले की जांच कर रहे हैं।