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पुलिस की पाठशाला: एसपी सिटी ने दी सीख, बोले- मोबाइल फोन पर स्क्रीन गार्ड की तरह सिर पर हेलमेट लगाना न भूलें

Thu, 01 Feb 2024 03:38 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

शहर के जेपी एजूकेशन एकेडमी में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने विद्यार्थियों को सीख दी।बोले, इंटरनेट का इस्तेमाल गलत नहीं, लेकिन अंजान लोगों से दोस्ती खतरनाक।
 
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एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आप मोबाइल फोन खरीदते हैं तो तत्काल दुकान पर जाकर उस पर स्क्रीन गार्ड लगवाते हैं, ताकि टूटने न पाए, लेकिन वहीं जब गाड़ी चलाते हैं तो अपनी सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी हेलमेट, सीट बेल्ट से परहेज करते हैं। मोबाइल फोन टूट जाए तो दूसरा आ सकता है, लेकिन जिंदगी उससे कहीं ज्यादा अनमोल है। हादसा होने पर सिर बच जाए तो शरीर के दूसरे हिस्से का इलाज हो जाता है, लेकिन सिर पर चोट के बाद अक्सर जान चली जाती है। इसलिए, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल जरूर करें।
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ये बातें एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहीं। वे बुधवार को गोरखनाथ स्थित जेपी एजूकेशन एकेडमी में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्रों को कानून की जानकारी और खुद की सुरक्षा के बारे में जानकारी दे रहे थे। एसपी सिटी ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनके सवालों का तर्कसंगत जवाब भी दिया।

एसपी सिटी ने बताया कि मोबाइल फोन पर इंटरनेट का इस्तेमाल गलत नहीं होता है, लेकिन इस दौरान अनजाने में किए गए कई काम भी आप को परेशानियों में डाल सकते हैं। ऐसे में साइबर क्राइम से बचने के लिए सावधानी बरतने में ही समझदारी है। अक्सर देखा जाता है कि दोस्ती होने पर छात्र-छात्राएं अपने व्यक्तिगत फोटो, वीडियो साझा करने लगते हैं, दोस्ती टूटने पर इसका गलत इस्तेमाल होता है। दोस्ती चाहे जितनी भी गहरी हो, अपने फोटो, वीडियो को सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफाॅर्म पर साझा न करें। स्कूल के प्रधानाचार्य सलिल श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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छात्राओं के सवालों का एसपी सिटी ने दिया जवाब
सवाल (सौम्या सिंह चौहान) : अगर कोई घर में ही परेशान करें तो किससे और कहां शिकायत करें?
जवाब : शारीरिक शोषण के 95 फीसदी मामले में घर या रिश्तेदारी का कोई अपना ही शामिल होता है, लेकिन आप को आगे आना चाहिए। अगर आप थाने नहीं जाना चाहती हैं तो 1090 पर कॉल करें। पुलिस मदद करेगी। स्कूल में टीचर को भी बता सकती हैं।

सवाल (पूर्णिमा मिश्रा) : साइबर अपराध होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
जवाब : साइबर जालसाजी अगर हो गई है तो सबसे पहले टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। फिर थाने पर सूचना देना चाहिए, लेकिन ये नौबत ही न आए, इसके लिए सावधानी बरतें। रुपये कमाना इतना आसान नहीं होता है, मुफ्त में कुछ नहीं मिलता, यह समझ लें।

सवाल (अनमोल गोस्वामी) : अपराध होने पर पुलिस जेंडर के हिसाब से कार्रवाई क्यों करती है?
जवाब : कानून सबके लिए एक समान होता है। महिलाओं के अपराध में शामिल होने पर पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरतती है। ऐसे आरोपी को सिर्फ महिला पुलिस ही पकड़ती है। ऐसा कभी भी नहीं होता कि
महिला अपराध करे और बच जाए। अगर कोई किसी को फंसाता है तो पुलिस जांच करती है। फिर कार्रवाई करती है।

सवाल (आदित्य शुक्ला) : ऑनलाइन जालसाजी से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए?
जवाब : अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी को मत दीजिए। अगर, इसके बाद भी जालसाजी हो जाती है, तो सूचना तत्काल पुलिस को देनी चाहिए।
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