रेलवे वर्कशॉप में सोशल डिस्टेंसिंग ट्रैकर डिवाइस का प्रयोग शुरू -अभी ट्रायल के तौर पर 50 कर्मचारियों को मिला डिवाइस अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। रेलवे के यांत्रिक कारखाना में शनिवार को कर्मचारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग ट्रैकर डिवाइस रखकर काम शुरू कर दिया। कई बार ऐसे मौके आए कि काम करने के दौरान दो कर्मचारियों के बीच की दूरी छह फीट से कम हो गई और तत्काल दोनों के पॉकेट में रखी डिवाइस का अलार्म बजने लगा। अलार्म बजते ही कर्मचारी समझ गए कि वह अपने सामने वाले साथी के ज्यादा करीब आ गए हैं। बिना समय गंवाए दोनों कर्मचारियों ने छह फीट से ज्यादा की दूरी बना ली। वर्कशॉप में इस तकनीक के साथ कर्मचारियों के पहले दिन की दिनचर्या रोजाना से अलग था। सुबह से लेकर शाम तक छह बार अलग-अलग समय में अलार्म बजा। इस अलार्म का सबसे बड़ा यह फायदा यह हुआ कि जिन्हें अभी यह डिवाइस नहीं मिली वह भी अलर्ट हो जा रहे थे। अभी 50 कर्मचारियों को ही डिवाइस दी गई है। जल्द ही इस डिवाइस का मॉडीफाइड मॉडल आ जाएगा जिसके बाद सभी कर्मचारियों को डिवाइस दे दिया जाएगा। यह डिवाइस दूरी और सेंसर आधारित है। मसलन दो डिवाइस जब सोशल डिस्टेंसिंग के मानक छह फीट से कम दूरी पर होंगे इसमें अलार्म बजने लगेगा। इससे कर्मचारी समझ जाएगा कि जाने-अनजाने उससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। ---- ऐसे काम करती है डिवाइस डिवाइस ब्लूटूथ और प्रॉक्सीमिटी सेंसर के आधार पर काम करेगा। डिवाइस में एक ब्लूटूथ, प्रॉक्सीमिटी सेंसर, रिकार्डिंग चिप, अलार्म और चार्जेबल बैट्री होगी। प्रॉक्सीमिटी सेंटर डिस्टेंस को रीड करेगा ब्लूटूथ से डिवाइस आपस में जुड़ जाएंगी। छह फीट से जैसे ही दो डिवाइस आएंगी अलार्म बज जाएगा। अलार्म को चार मीटर दूर तक खड़े लोग सुन सकेंगे। एक बार चार्ज करने के बाद बैट्री तीन दिन तक चलेगी।