जल्द ही गोरखपुर एयरपोर्ट के पास अपना खुद का डीवीओआर (डॉपलर वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनी रेंज) रडार सिस्टम होगा। इसको लेकर 28 सितंबर को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तकनीकी टीम एयरपोर्ट का सर्वे करने आएगी। सब कुछ अनुकूल रहा तो निरीक्षण के बाद डीवीओआर सिस्टम के लिए टीम कमीशनिंग करेगी जिसके बाद तीन से चार महीने में इस सिस्टम के लग जाने की उम्मीद है। अभी एयरफोर्स के रडार से विमानों का संचालन होता है।
डीवीओआर सिस्टम लगाने के काम में लोक निर्माण विभाग की भी मदद मांगी गई है। एयरपोर्ट का खुद का डीवीओआर अत्याधुनिक होने के साथ ही हाई-फ्रिक्वेंसी का होगा। ये सिस्टम विमानों को रास्ता तो दिखाएगा ही, साथ ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से विमानों को 100 किलोमीटर रेंज तक नियंत्रित कर सकेगा। ये रडार लैंडिंग और टेकऑफ में भी सहायक होगा।
इसके साथ ही कंप्यूटर पर रडार से टर्मिनल क्षेत्र में विमान की स्थिति, हवाई अड्डों के आसपास के हवाई क्षेत्र प्रदर्शित होता रहेगा। रडार हवाई अड्डे के 100 किमी के दायरे में विमान यातायात को नियंत्रित कर सकता है। इससे एटीसी व पायलट के बीच संपर्क काफी बेहतर हो जाएगा। एयरपोर्ट के रनवे के ऊपर आने के बाद लैंडिंग के दौरान लगने वाले समय में भी कमी आएगी। इससे विमानों की पहले से बेहतर ट्रैकिंग संभव होगी और एटीसी का काम भी अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
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