बाएं सोनू निगम, दाएं गोरखपुर के डीएम के. विजयेंद्र पांडियन। (फाइल)
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गोरखपुर महोत्सव समिति को 40 लाख रुपये और जीएसटी की धनराशि वापस नहीं करने को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से भेजे गए नोटिस पर न तो गायक सोनू निगम ने कोई स्पष्टीकरण दिया और न ही रुपये वापस किए। प्रशासन अब सोनू के खिलाफ विधिक कार्रवाई की तैयारियाें में जुट गया है।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने पहले ही चेता दिया था कि राजकीय शोक की वजह से गोरखपुर महोत्सव के 13 जनवरी का कार्यक्रम 14 जनवरी के लिए टाला गया था। मगर सोनू अगले दिन कार्यक्रम करने नहीं आए। ऐसे में उन्हें पर्यटन निगम के रुपये वापस करने ही होंगे। रुपये नहीं देने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि डीएम ने सोनू निगम को 19 फरवरी को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर संबंधित रकम जमा करने का निर्देश दिया था। सोनू को भेजे गए नोटिस के मुताबिक गोरखपुर महोत्सव के आखिरी दिन 13 जनवरी को सोनू निगम का कार्यक्रम तय था। इसके लिए समिति ने छह और नौ जनवरी को 40 लाख रुपये और जीएसटी की रकम उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की थी।
कार्यक्रम के पहले ओमान के सुल्तान का निधन होने पर 13 जनवरी को राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया गया। इस वजह से महोत्सव के अंतिम दिन का कार्यक्रम 14 जनवरी के लिए टाल दिया गया। इस दिन सोनू नहीं आए। इसके बाद महोत्सव समिति के सचिव व क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार ने एडवांस रकम की वापसी के लिए ई-मेल के जरिये कई बार सोनू निगम को पत्र लिखा लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, जिसपर नोटिस जारी करना पड़ा।