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कोरोना का डर : बुजुर्ग की अर्थी उठाने नहीं आए लोग, ठेले पर शव लेकर मुक्तिधाम पहुंचा दामाद

Wed, 12 May 2021 07:09 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

ग्रामीणों ने कंधा देने से किया मना, मऊ के निवासी थे भागवत गुप्ता।
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अंतिम संस्कार के लिए शव ठेले पर लेकर मुक्तिधाम पहुंचे लोग। - फोटो : अमर उजाला।
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कोरोना महामारी के बीच लोगों में संक्रमण का डर इस कदर समाया है कि अन्य रोगों से मौत के बाद भी शव को श्मशान ले जाने का इंतजाम तक नहीं हो पा रहा है। ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सामने आया है। यहां बड़हलगंज के सरयू तट पर स्थित मुक्तिपथ पर मंगलवार की शाम सुसर की मौत के बाद उनका दामाद ठेले पर शव लेकर दाह संस्कार करने पहुंचा, जो पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतक के दामाद ने बताया कि गांव में इनकी हुई मौत से लोग डरे हुए हैं, जिससे कोई आने को तैयार नहीं हुआ। इस कारण हम लोग शव ठेले पर लेकर आए। 
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मऊ जनपद के बनकटा बहरामपुर निवासी 100 वर्षीय भागवत गुप्ता बड़हलगंज ब्लॉक के भैसवली गांव में अपनी बेटी के घर पर रहते थे। इनके पुत्र नहीं थे। 

मृतक भागवत काफी दिनों से भैसवली में अपने दामाद पारसनाथ गुप्ता के यहां रहते थे। तीन चार दिन पूर्व उन्हें खासी व बुखार की शिकायत हुई। जिस पर उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में दिखाया गया। जहां चिकित्सक ने दवा देकर घर भेज दिया। 

दवा खाने के बाद वह ठीक थे। मंगलवार की दोपहर वह खाना खाने के बाद बैठे थे, तभी उनकी हृदय गति रूक जाने से मौत हो गई। मृतक के दामाद ने बताया कि उनका कोविड टेस्ट नहीं हुआ था। 
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बताया कि मौत की सूचना पर गांव के लोग भयभीत हैं। जिससे गांव का कोई व्यक्ति सहयोग करने नहीं आया तो ठेले पर उनका शव लेकर आया गया है। दामाद ने ही ससुर का अंतिम संस्कार किया।    
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