उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में दो दिन पहले नगर के खीरामंडी में हुए सड़क हादसे में एक पूरा परिवार बेसहारा हो गया। घर के एकलौते चिराग के बुझने से बूढ़े कंधों पर घर की जिम्मेदारी आ गई। अभी एक बेटी के हाथ पीले भी नहीं हुए हैं। बेटे की मौत के बाद मां का बुरा हाल है। वह अक्सर बेटे को याद कर रोते हुए बेहोश हो जा रही है।
डुमरियागंज नगर पंचायत के शाहपुर में घर बनाकर रहने वाले राकेश और रीता ने सपने में भी नहीं सोचा था कि पलभर में उनके परिवार की हंसती खेलती जिंदगी मातम में बदल जाएगी। घर का एकलौता बेटा और परिवार का खेवनहार उनसे दूर हो जाएगा। हंसी खुशी घर आ रहे उनके बेटे राहुल के पीछे काल बनकर ट्रक ने कुचल दिया।
पिता राकेश ने कहा, उनका बेटा राहुल उन दोनों के साथ पूरे परिवार का पालनकर्ता था। वर्ष 2020 में राहुल ने ठेला लगाकर कुछ पैसे कमाने के साथ अपनी बड़ी बहन की शादी की थी। वहीं अब राहुल छोटी बहन सीमा की शादी की भी तैयारी कर रहा है। राहुल कहता था कि छोटी बहन की शादी करूंगा फिर अपनी शादी करूंगा। मगर भगवान को कुछ और ही मंजूर था।
बुजुर्ग राकेश ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी करते हैं मगर अब उनके शरीर में इतनी ताकत नहीं है कि वह मजदूरी कर सकें। अब तो उनके सामने मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी समझ में नहीं आ रहा कि वह अब परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे और बेटी की शादी कैसे करेंगे?