गोरखपुर। अधिवक्ता परिषद काशी गोरखपुर इकाई की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट में शनिवार को महिला सशक्तिकरण विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नीलू मोघा ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि पुरुष और महिला एक गाड़ी के दो पहिए हैं, समाज के निर्माण में दोनों का बराबर योगदान है, जब दोनों का योगदान ठीक रहता है तो समाज ठीक से चलता है।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता जज खफीफा कोर्ट की पीठासीन अधिकारी त्विषी श्रीवास्तव ने कहा कि पुरुष एवं महिला एक दूसरे के पूरक हैं, समाज में हम स्वयं एक-दूसरे से तुलना करते हैं। महिलाओं को जहां जो भी कार्य करना है वह करें, लेकिन तुलना करने के भाव से न करें बल्कि अपने किसी भी काम में दक्षता हासिल करें। न्यायिक अधिकारी संगीता गौड़ ने कविता पाठ किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता अमिता शर्मा ने की। अधिवक्ता परिषद गोरखपुर इकाई की महामंत्री अजिता पांडेय, गोरखपुर इकाई के अध्यक्ष डॉ. उदयवीर सिंह, न्यायिक अधिकारी शांबुल इरशाद, ज्योति वर्मा, आयुषी गोस्वामी, आकांक्षा पाठक, विजय रश्मि सिंह, अरुंधता तिवारी आदि मौजूद थे। आयोजन में बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट गोरखपुर के अध्यक्ष भानु प्रताप पांडेय, मंत्री गिरिजेश मणि त्रिपाठी ने सक्रिय भूमिका निभाई।