गोरखपुर। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश शेखर कुमार यादव ने कहा कि केवल चर्चा से समाज की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। गंगा, गीता, गो संरक्षण, लव जिहाद, धर्मांतरण और वक्फ जैसे विषयों को लेकर समाज के बीच जाना होगा। जनजागरण का व्यापक अभियान चलाना होगा। इसके लिए हर किसी को आगे आने की जरूरत है।
पूर्व न्यायाधीश विश्व हिंदू परिषद की ओर से सिक्टौर स्थित एक विद्यालय में आयोजित प्रांतीय कार्यशाला के दूसरे दिन उपस्थित लोगों के बीच विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन जीवन मूल्यों की रक्षा के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। राष्ट्र और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक संवाद और जागरूकता समय की आवश्यकता है। उन्होंने आग्रह किया कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर संगठन के उद्देश्यों और विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें।
राष्ट्रीय संयोजक अभिषेक अत्रे ने वक्फ बोर्ड के इतिहास, उसकी वर्तमान स्थिति व देश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने घुसपैठ, लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे विषयों को समाज के समक्ष गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि इन मुद्दों पर जागरूकता और सामाजिक सहभागिता बढ़ाना आवश्यक है। क्षेत्रीय संयोजक बृजेंद्र सिंह ने लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सामाजिक एकता, पारिवारिक व्यवस्था की मजबूती व सतत जनजागरण की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर प्रांत संयोजक अभय शाही, प्रांतीय मीडिया प्रभारी ब्रह्मदेव सिंह एडवोकेट, अविरल शर्मा, अविनाश श्रीवास्तव, संतोष पांडेय, अभिषेक सिंह, विश्वजीत शाही व अधिवक्ता परिषद के पूर्व प्रदेश मंत्री ब्रजेंद्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।