- थाने में कितने प्रार्थना पत्र आए और उस पर क्या कार्रवाई हुई।
- महिला हेल्प डेस्क पर प्रार्थना पत्र आने ही तुरंत उसकी जानकारी हो जाना।
- ऑनलाइन ही मुकदमे का आदेश करना और मुंशी द्वारा उस पर कार्रवाई कर देना।
- थानेदार मुकदमे या फिर किस मामले में क्या कार्रवाई हुई उसकी जानकारी बिना पूछे देख सकते हैं।
- इलाके के एक गांव का विवरण, उस गांव के प्रमुख लोगों के मोबाइल नंबरों का अलग डाटा।
- बदमाश, हिस्ट्रीशीटर किस इलाके के हैं और कहां पर हैं, इसका ऑनलाइन अपडेट।
- कोई फरियादी कितनी बार प्रार्थना पत्र दिया, इसकी पूरी जानकारी।
- प्रार्थना पत्र को देखने के लिए नाम टाइप करते ही पता चल जाएगा कि कितने दिन पहले आया था।
- प्रार्थना पत्र साल भर पहले या उससे भी पहले का हो तो भी वह प्रार्थना पत्र सामने होगा।
एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि खुद की रुचि से एक एसओ ने जिस तरह से काम किया है, वह सराहनीय है। हर थाने में इस तरह से काम हो सके, इसके लिए पूरे जोन के थाने की पुलिस को ट्रेनिंग जल्द दी जाएगी। गोरखपुर कार्यालय से इसकी शुरुआत कर दी गई है। फरियादी कब और कितनी बार आया जैसी जानकारी एक क्लिक पर मिल जाएगी। अन्य जानकारी भी इसी तरह हासिल की जा सकती है।