गोरखपुर। बिहार और वाराणसी से लाकर चरस व गांजा गोरखपुर के रास्ते नेपाल में भेजा जा रहा है। भैरहवा के दीनानाथ गुप्ता इसका मास्टरमाइंड है। नेटवर्क में शामिल दरोगा रविंद्र शुक्ला और उसके साथी कुलवीर सिंह की गिरफ्तारी के बाद इसका खुलासा हुआ है। अब पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं। इसमें कई लोगों के शामिल होने की जानकारी भी मिली है।
बताया जा रहा है कि लखनऊ में अपने आवास पर ही दरोगा चरस को छिपाता था और फिर थोड़ा-थोड़ा करके लाता था। इसके बाद नेपाल पहुंचाता था। अपने वर्दी का इस्तेमाल वह नेपाल सीमा को पार कराने में भी करता था।
जानकारी के मुताबिक, महराजगंज जिले की व शाहपुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को समन सेल में तैनात दरोगा रविंद्र शुक्ला और तिवारीपुर निवास कुलवीर सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ में पता चला है कि भैरहवा का दीनानाथ गुप्ता ही नशीले पदार्थ का धंधा कर रहा है।
दीनानाथ के नेटवर्क में कई ऐसे प्रभावशाली लोग शामिल हैं, जो आसानी से गांजा व चरस को सीमा पार करा देते हैं। पुलिस की पूछताछ में भी यह आया है कि रविंद्र शुक्ला दरोगा होने का फायदा गलत काम के लिए उठाता था।
जब उसे कहीं पर चेकिंग के लिए रोका जाता था तो वह कहता था कि चरस को बरामद किया गया है और फिर आईकार्ड की मदद से बच जाता था। दरोगा ने गोरखपुर के आसपास कुछ होटलों में चरस देने की बात कही है, लेकिन अभी पुलिस को इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है। इस वजह से पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि पुलिस गहनता से जांच कर रही है। नेटवर्क में शामिल सभी पर जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।